बरेली में कन्हैया गुलाटी का ‘कैनविज महाघोटाला’:113 पीड़ितों की एक साथ रिपोर्ट, 42 जालसाजों पर केस, अब हिस्ट्रीशीट खोलेगी पुलिस

बरेली में कन्हैया गुलाटी का ‘कैनविज महाघोटाला’:113 पीड़ितों की एक साथ रिपोर्ट, 42 जालसाजों पर केस, अब हिस्ट्रीशीट खोलेगी पुलिस

बरेली में करोड़ों रुपये की ठगी के मास्टरमाइंड कन्हैया गुलाटी और उसके गैंग पर पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। कैनविज कंपनी के जरिए हजारों लोगों को चूना लगाने वाले गुलाटी के खिलाफ शिकायतों का पहाड़ खड़ा हो गया था, जिसके बाद एसएसपी के निर्देश पर बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने खुद वादी बनकर एक संयुक्त रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस नई एफआईआर में 113 पीड़ितों को शामिल किया गया है, जबकि कन्हैया गुलाटी, उसके परिजनों, गुर्गों और एजेंटों समेत कुल 42 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब इन सभी आरोपियों का गैंग पंजीकरण करने और हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में है। 4 राज्यों में फैला था ठगी का जाल, एसआईटी जब्त करेगी संपत्तियां गुलाटी गैंग ने केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड, बिहार और झारखंड तक अपने पैर पसार रखे थे। बारादरी थाने में दर्ज मामले में उत्तराखंड के बाजपुर, हल्द्वानी, लालकुआं और रुद्रपुर के अलावा बिहार के लाखों निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई डूबने की शिकायत की है। इसके अलावा बरेली के पड़ोसी जिलों लखीमपुर, बदायूं, पीलीभीत, रामपुर और मुरादाबाद के लोग भी इस ठगी का शिकार हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) सभी 42 आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों की तलाश कर रही है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि ठगी के पैसों से खरीदी गई हर चल-अचल संपत्ति को फ्रीज और कुर्क किया जाएगा। करोड़ों की चपत: किसी के 25 करोड़ डूबे तो किसी की जमापूंजी हुई साफ कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी और उसके सिंडिकेट के खिलाफ बारादरी थाने में 41वां मुकदमा दर्ज किया गया है। ठगी का शिकार होने वालों की सूची लंबी है और निवेश की रकम चौंकाने वाली है। बरेली के मनीष ने 25 करोड़ और मुकेश ने 3 करोड़ रुपये गंवाए हैं। इसी तरह कुसुमखेड़ा के मदन से 51 लाख, लालकुआं के देवेन्द्र से 45 लाख, बरेली के आदित्य से 25 लाख, शाहजहांपुर के सूरज से 23 लाख, और नंदकिशोर से 23.50 लाख की ठगी हुई है। पीड़ितों में बरेली की वीना (22.75 लाख), रामपुर के रामकिशोर (20.64 लाख), बरेली के आदित्य सक्सेना (20 लाख), बरेली की रिचा (20 लाख), मुरादाबाद के जफर (15 लाख), शाहजहांपुर के सत्यप्रकाश (15 लाख), और रायबरेली के अमित (14.49 लाख) प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा दर्जनों अन्य पीड़ितों जैसे समीर खुराना, नीलम, अशोक और रेखा ने भी 5 से 15 लाख रुपये तक गंवाए हैं। ये हैं वो 42 चेहरे जिन्होंने मिलकर बुना ठगी का जाल पुलिस ने इस महाघोटाले में कन्हैया गुलाटी के साथ उसके पूरे कुनबे और नेटवर्क को नामजद किया है। आरोपियों में राधिका गुलाटी, गोपाल गुलाटी, कृष्णा गुलाटी और मधु गुलाटी के नाम शामिल हैं। इनके अलावा नरेश पटेल, सोमपाल पटेल, झांझनलाल मौर्य, जगतपाल मौर्य, राजेश, अमित, महेंद्र, कमल सक्सेना, अरुण रस्तोगी, प्रमोद परिहार, गुरूदेव पाठक, किमी महाजन, सूर्यप्रकाश, ओमप्रकाश मौर्य, सुरेश चंद्र कुशवाह, अनूप गुप्ता, संजीव बागवा, बनवारीलाल सिंह, मुकेश राना, ज्योति मिश्रा, प्रवेश मिश्रा, आशीष मिश्रा, सोनू चन्द्रा, राहुल मौर्य, योगेन्द्र, जितेन्द्र पटेल, नरेश मौर्य, देवेश सिंह, प्रमोद सिंह, छवि भाटिया, मोनिका भाटिया, महेन्द्र सिंह राना, किमी राना, ओपी मौर्य, आशीष महाजन और झाझन को भी ठगी का हिस्सेदार बनाया गया है।

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