JPSC पेपर ‘लीक’ नहीं, ‘लूट’ थी: Sudhanshu Trivedi का Congress पर जोरदार हमला

JPSC पेपर ‘लीक’ नहीं, ‘लूट’ थी: Sudhanshu Trivedi का Congress पर जोरदार हमला
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 5 सितंबर को झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस पार्टी की आलोचना की। उन्होंने इस घटना को “पेपर लीक नहीं, बल्कि पेपर की लूट” बताया और इस मुद्दे पर पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाए। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने कहा कि JPSC परीक्षा प्रक्रिया की जांच से पता चला है कि परीक्षा के आयोजन और सुरक्षा में गंभीर खामियां थीं।
 

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त्रिवेदी ने कहा कि ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि असिस्टेंट कंज़र्वेटर ऑफ़ फ़ॉरेस्ट और फ़ॉरेस्ट रेंज ऑफ़िसर की परीक्षा के दौरान, स्ट्रॉन्ग रूम का ताला तोड़कर प्रश्न-पत्र निकाले गए और बाद में उनमें बदलाव किए गए। दूसरे शब्दों में कहें तो, झारखंड में जो हुआ वह पेपर लीक नहीं, बल्कि पेपर की लूट थी। त्रिवेदी ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष परीक्षा के लिए दिए गए आश्वासनों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे यह भी साबित होता है कि उनके स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा कितनी कमज़ोर थी, और यह छात्रों के लिए सुचारू और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के कांग्रेस के तथाकथित दावों की पोल भी खोलता है।
उन्होंने मांग की कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी उन हालात के बारे में साफ-साफ बताएं जिनकी वजह से यह कथित घटना हुई। उन्होंने कहा कि कम से कम राहुल गांधी को—जिनके मंत्री सरकार में ऊंचे पदों पर हैं—यह साफ़ करना चाहिए कि इस लूट-पाट को किसने होने दिया। बीजेपी सांसद ने दिल्ली की राजनीतिक पार्टियों पर यह आरोप भी लगाया कि परीक्षा में हुई दूसरी गड़बड़ियों पर ज़ोर-शोर से विरोध करने के बावजूद, वे झारखंड के मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली की सभी राजनीतिक पार्टियां, जो पहले परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर बहुत शोर-शराबा कर रही थीं, वे अचानक झारखंड के मामले पर चुप हो गई हैं।
 

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आलोचना करते हुए त्रिवेदी ने राहुल गांधी के संदर्भ में महात्मा गांधी के तीन बंदरों का ज़िक्र किया और कहा कि बचपन में हम गांधी जी के तीन बंदरों के बारे में सुनते थे। अब लगता है कि राहुल गांधी के भी अपने तीन बंदर हैं—एक जो आंखें बंद करके बैठा है और देखना नहीं चाहता; एक जिसने कान बंद कर रखे हैं और सुनना नहीं चाहता; और एक जिसने अपना मुंह बंद कर रखा है और बोलना नहीं चाहता।
 
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