Jorge Castro: अर्जेंटीना के दिग्गज बॉक्सर जॉर्ज ‘लोकोमोटोरा’ कास्त्रो का 59 साल की उम्र में निधन हो गया। जानें जॉन डेविड जैक्सन के खिलाफ 1994 की ऐतिहासिक नॉकआउट जीत और उनकी उपलब्धियों के बारे में।
Former WBA middleweight champ Jorge Castro dies at 59: जॉर्ज ‘लोकोमोटोरा’ कास्त्रो बॉक्सिंग इतिहास के उन मुक्केबाजों में से एक हैं, जिन्होंने रिंग में अपनी बेमिसाल सहनशक्ति और जुझारूपन का लोहा मनवाया। जब बॉक्सिंग में हारती हुई बाजी को जीतने की बात आती है, तो अर्जेंटीना के पूर्व WBA मिडिलवेट वर्ल्ड चैंपियन का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है। यह महान मुक्केबाज अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनके संघर्ष की कहानियां आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। जॉर्ज कास्त्रो का 14 अक्टूबर को 59 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
1994 की वह करिश्माई जीत
जब भी जॉर्ज कास्त्रो की बात होती है, तो 10 दिसंबर 1994 को मैक्सिको के मोंटेरे में मिली उनकी जीत का जिक्र जरूर होता है। उस समय कास्त्रो WBA मिडिलवेट चैंपियन थे। वह अमेरिकी मुक्केबाज जॉन डेविड जैक्सन के खिलाफ अपने खिताब का बचाव कर रहे थे। मुकाबले की शुरुआत से ही जॉन डेविड जैक्सन हावी थे। वह कास्त्रो पर तेजी से मुक्के बरसा रहे थे और उन्हें लगातार पीछे धकेल रहे थे। जैक्सन के लगातार हमलों से कास्त्रो की दोनों आंखें बुरी तरह सूज गई थीं। उनके चेहरे से खून भी बह रहा था। ऐसा लग रहा था कि वह मुकाबला हार जाएंगे। तीनों जजों के स्कोरकार्ड में भी वह पीछे चल रहे थे।
लेकिन नौवें राउंड में मुकाबले का रुख बदल गया। रेफरी मैच रोकने वाले थे। तभी जैक्सन ने कास्त्रो को रिंग की रस्सियों के पास घेर लिया और उन पर लगातार मुक्के बरसाने लगे। कास्त्रो बचाव करने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच उन्हें पलटवार करने का मौका मिला। उन्होंने जैक्सन की ठुड्डी पर जोरदार मुक्का मारा। इस हमले को जैक्सन सह नहीं सके और जमीन पर गिर पड़े।
जैक्सन ने किसी तरह खुद को संभाला और दोबारा खड़े हो गए। लेकिन कास्त्रो के मुक्के ने उन्हें दोबारा गिरा दिया। इसके बाद जैक्सन तीसरी बार जमीन पर गिर पड़े। उनकी हालत देखकर रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। इस तरह कास्त्रो ने नौवें राउंड में नॉकआउट के जरिए जीत दर्ज की और अपना खिताब बरकरार रखा। इस मुकाबले को 1994 का ‘फाइट ऑफ द ईयर’ भी चुना गया।
जॉर्ज कास्त्रो का पेशेवर करियर
जॉर्ज कास्त्रो का अर्जेंटीना की बॉक्सिंग में शानदार करियर रहा। उन्होंने अपने पेशेवर करियर में कुल 144 मुकाबले लड़े। इनमें से 130 में जीत हासिल की। उनकी 90 जीत नॉकआउट के जरिए आईं। उन्हें 11 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि तीन मुकाबले ड्रॉ रहे।
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