Ahmedabad. गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (जीएसईबी) की 26 फरवरी से शुरू हुई 10वीं कक्षा बोर्ड की परीक्षा के दौरान शनिवार को शहर में एक प्रेरणादायी घटना देखने को मिली। शहर के सीटीएम राष्ट्रभारती परीक्षा केन्द्र में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दे रहे दिव्यांग परीक्षार्थी नितिन की हिम्मत, जज्बे को देख शहर जिला शिक्षा अधिकारी रोहित चौधरी भी दंग रहे।
ऐसा इसलिए है, क्योंकि नितिन के दोनों हाथ असमर्थ हैं। उसके बावजूद भी उसने 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा देने के लिए राइटर की मांग नहीं की। वह बिना किसी राइटर की मदद के खुद ही अपने पैरों से बोर्ड परीक्षा का विज्ञान विषय की परीक्षा दे रहा था। पैर के अंगूठे और अंगुली से पेन को पकड़कर उत्तर लिख रहे दिव्यांग छात्र को देख केन्द्र के राउंड पर पहुंचे शहर डीईओ रोहित चौधरी ने छात्र से मुलाकात की। उसके जज्बे को सलाम किया।
चौधरी ने कहा कि हमने उसे राइटर देने की तैयारी भी दर्शाई लेकिन उसकी हिम्मत इतनी मजबूत और मनोबल इतना दृढ़ था कि वह खुद ही सभी पेपर लिखने को तैयार दिखा। दिव्यांग छात्र नितिन की पढ़ाई के प्रति लगन और दृढ़ निश्चय को देखते हुए शहर डीईओ ने उसकी आगे की पढ़ाई के लिए होने वाले पूरे खर्च को वहन करने की तैयारी दर्शायी है। उन्होंने कहा कि ऐसे होनहार विद्यार्थियों की पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए। ऐसे युवा ही हमारे देश का भविष्य हैं।
आइएएस अधिकारी बनना चाहता है नितिन
डीईओ रोहित चौधरी ने बताया कि बातचीत के दौरान नितिन ने कहा कि वह आगे चलकर पढ़ लिखकर आइएएस अधिकारी बनना चाहता है। उसके इस सपने को पूरा करने के लिए वह नितिन की मदद करेंगे। इसके लिए वे उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे। यह बात उन्होंने छात्र से खुद कही है। उन्हें उम्मीद है कि यह छात्र भविष्य में काफी आगे बढ़ेगा। उसका पढ़ाई के प्रति समर्पण काफी अधिक है।


