मोतिहारी में हुए जहरीली शराबकांड के बाद अब यह मामला केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। घटना में कई लोगों की मौत और दर्जनों के बीमार होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पीड़ित क्षेत्रों का रुख करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जनसुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती और चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप अपने समर्थकों के साथ मोतिहारी पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पीड़ित गांवों में पहुंचकर सुनी लोगों की पीड़ा जनसुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती और मनीष कश्यप ने सबसे पहले प्रभावित गांवों का दौरा किया। यहां उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और उनकी समस्याओं को सुना। गांवों में मातम का माहौल अब भी कायम है और लोग इस घटना से उबर नहीं पा रहे हैं। नेताओं ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को गंभीरता से उठाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो इतनी बड़ी घटना टल सकती थी। अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल गांवों के दौरे के बाद दोनों नेता अस्पताल पहुंचे, जहां जहरीली शराब पीने से बीमार हुए लोगों का इलाज चल रहा है। उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और परिजनों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। अस्पताल में भर्ती कई मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। कुछ लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। नेताओं ने बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। शराबबंदी कानून पर उठाए सवाल मौके पर मनोज भारती ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी केवल कागजों पर लागू है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के हर कोने में आसानी से शराब उपलब्ध हो रही है, जिससे यह साफ होता है कि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। मनोज भारती ने एक बार फिर शराबबंदी कानून को हटाने की मांग करते हुए कहा कि जब तक इस कानून की समीक्षा नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। सरकार और प्रशासन पर साधा निशाना मनोज भारती ने इस घटना को सरकार और प्रशासन की बड़ी विफलता बताया। उन्होंने कहा कि लोगों को मजबूरी में जहरीली शराब पीनी पड़ रही है, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के सख्त रुख के बावजूद जमीनी स्तर पर निगरानी की कमी है, जिसके कारण अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। इस तरह की घटनाएं प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती हैं। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग वहीं मनीष कश्यप ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। मनीष कश्यप ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और कहा कि यदि समय पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही। जिले में तेज हुई राजनीतिक हलचल इस दौरान जनसुराज के अन्य नेताओं ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इस तरह की घटनाएं आगे भी होती रहेंगी। फिलहाल, जहरीली शराब कांड को लेकर मोतिहारी में सियासत गरमा गई है। आने वाले दिनों में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के भी जिले में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है। मोतिहारी में हुए जहरीली शराबकांड के बाद अब यह मामला केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। घटना में कई लोगों की मौत और दर्जनों के बीमार होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पीड़ित क्षेत्रों का रुख करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जनसुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती और चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप अपने समर्थकों के साथ मोतिहारी पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पीड़ित गांवों में पहुंचकर सुनी लोगों की पीड़ा जनसुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती और मनीष कश्यप ने सबसे पहले प्रभावित गांवों का दौरा किया। यहां उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और उनकी समस्याओं को सुना। गांवों में मातम का माहौल अब भी कायम है और लोग इस घटना से उबर नहीं पा रहे हैं। नेताओं ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को गंभीरता से उठाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो इतनी बड़ी घटना टल सकती थी। अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल गांवों के दौरे के बाद दोनों नेता अस्पताल पहुंचे, जहां जहरीली शराब पीने से बीमार हुए लोगों का इलाज चल रहा है। उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और परिजनों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। अस्पताल में भर्ती कई मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। कुछ लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। नेताओं ने बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। शराबबंदी कानून पर उठाए सवाल मौके पर मनोज भारती ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी केवल कागजों पर लागू है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के हर कोने में आसानी से शराब उपलब्ध हो रही है, जिससे यह साफ होता है कि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। मनोज भारती ने एक बार फिर शराबबंदी कानून को हटाने की मांग करते हुए कहा कि जब तक इस कानून की समीक्षा नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। सरकार और प्रशासन पर साधा निशाना मनोज भारती ने इस घटना को सरकार और प्रशासन की बड़ी विफलता बताया। उन्होंने कहा कि लोगों को मजबूरी में जहरीली शराब पीनी पड़ रही है, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के सख्त रुख के बावजूद जमीनी स्तर पर निगरानी की कमी है, जिसके कारण अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। इस तरह की घटनाएं प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती हैं। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग वहीं मनीष कश्यप ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। मनीष कश्यप ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और कहा कि यदि समय पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही। जिले में तेज हुई राजनीतिक हलचल इस दौरान जनसुराज के अन्य नेताओं ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इस तरह की घटनाएं आगे भी होती रहेंगी। फिलहाल, जहरीली शराब कांड को लेकर मोतिहारी में सियासत गरमा गई है। आने वाले दिनों में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के भी जिले में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है।


