मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को जैसलमेर का शहीद पूनमसिंह स्टेडियम एक अलग ही रंग में रंगा नजर आया। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पहली बार आयोजित “पतंग उत्सव” में उस वक्त उत्साह और बढ़ गया जब जिले के आला अधिकारी खुद मैदान में उतरे। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रश्मि रानी और उपखण्ड अधिकारी (SDO) समक्ष गोयल ने न केवल चरखी और मांझा थामकर पतंग उड़ाई, बल्कि युवाओं के साथ पेच भी लड़ाए। सहायक निदेशक (पर्यटन) कमलेश्वर सिंह ने बताया कि आगामी मरु महोत्सव का आयोजन 29 जनवरी से 1 फरवरी तक किया जा रहा है। इसी के भव्य प्रचार-प्रसार के लिए पतंग उत्सव की यह विशेष पहल की गई। विभाग का उद्देश्य है कि स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को मरु महोत्सव के रंग में अभी से रंग दिया जाए। अधिकारियों का दिखा अनूठा अंदाज, बढ़ाया बच्चों का हौसला स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर युवाओं और बच्चों का जोश दोगुना हो गया। CEO रश्मि रानी ने पतंग उड़ाते हुए जिलेवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे आयोजनों से खेल भावना और आपसी मेलजोल बढ़ता है। वहीं, SDO समक्ष गोयल ने हवा का रुख भांपते हुए आसमान में पतंग की डोर खींची, जिसे देखकर वहां मौजूद दर्शक भी उत्साहित हो उठे। अधिकारियों ने काफी देर तक वहां रुककर प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया। मरु महोत्सव-2026 की आहट: ‘ट्रेलर’ के रूप में दिखा उत्सव सहायक निदेशक (पर्यटन) कमलेश्वर सिंह ने बताया कि आगामी मरु महोत्सव-2026 का आयोजन 29 जनवरी से 1 फरवरी तक किया जा रहा है। इसी के भव्य प्रचार-प्रसार के लिए पतंग उत्सव की यह विशेष पहल की गई। विभाग का उद्देश्य है कि स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को मरु महोत्सव के रंग में अभी से रंग दिया जाए। उत्सव में पर्यटन अधिकारी खेमेन्द्र सिंह जाम और मरुश्री धीरज पुरोहित भी मौजूद रहे, जिन्होंने मंच संचालन के साथ माहौल को खुशनुमा बनाए रखा। मुफ्त पतंग-मांझा देख खिले बच्चों के चेहरे पर्यटन विभाग की ओर से स्टेडियम पहुंचे सभी पतंगबाजों को पतंग और मांझे के गट्टे निशुल्क उपलब्ध कराए गए। सुबह 11 बजे से ही स्टेडियम में भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। सतरंगी पतंगों से भरे नीले आसमान और बैकग्राउंड में बज रहे राजस्थानी गीतों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। स्थानीय युवाओं के साथ-साथ जैसलमेर भ्रमण पर आए देशी-विदेशी पर्यटकों ने भी इस पतंग उत्सव का भरपूर लुत्फ उठाया।


