Garlic Can stop Mosquitoes : मच्छरों को भगाने के लिए विदेशी वैज्ञानिक भी शोध कर रहे हैं। अब काफी हद तक ये बात पता चली है कि लहसुन से मच्छरों और मक्खियों को रोका जा सकता है। येल यूनिवर्सिटी में मॉलिक्यूलर, सेलुलर और डेवलपमेंटल बायोलॉजी के प्रोफेसर जॉन कार्लसन ने एक बयान में कहा,
“खून चूसने वाले जीवों को दूर भगाने के लिए लहसुन का उपयोग करने का विचार 1897 में ब्रैम स्टोकर ने अपने उपन्यास (ड्रैकुला) में प्रस्तावित किया था। शायद वे किसी सही नतीजे के करीब थे।”
बता दें, यह शोध पत्र सेल (Cell) जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
लहसुन की तीखी गंध कारगर!

शोधकर्ताओं ने विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों पर कीड़ों की प्रतिक्रिया का परीक्षण किया और पाया कि यह तीखी गंध वाला लहसुन मच्छरों (और कई अन्य पंख वाले कीड़ों) को आपस में संबंध बनाने (मेटिंग) से रोक सकता है।
शोधकर्ताओं की टीम को उम्मीद है कि मेटिंग की इस प्रक्रिया को रोककर लहसुन कीट नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल) का एक पर्यावरण-अनुकूल और किफायती जरिया बन सकता है।
लहसुन कैसे रोकता है मेटिंग की प्रक्रिया को
शोधकर्ता किसी जन्म नियंत्रण (बर्थ कंट्रोल) के उपाय की खोज करने नहीं निकले थे। बल्कि, इसके विपरीत येल की एक एसोसिएट रिसर्च साइंटिस्ट शीमा इब्राहिम यह पता लगाना चाहती थीं कि क्या कोई फल या सब्जी फल मक्खियों (Drosophila melanogaster) के लिए कामोत्तेजक (aphrodisiac) के रूप में काम करती है।
कार्लसन ने बताया कि ऐसा करने के लिए इब्राहिम ने एक “फ्रूट फ्लाई बुफे” (फल वाली मक्खियों के लिए दावत) तैयार किया। 43 प्रकार के फलों और सब्जियों की प्यूरी (पेस्ट) को अलग-अलग पेट्री डिश में एक मादा और एक नर मक्खी के साथ रखा गया, और एक घंटे तक उन पर नजर रखी गई।
हालांकि शोधकर्ता किसी कामोत्तेजक चीज की पहचान नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने एक अजीब बात पर ध्यान दिया। जिस पेट्री डिश में लहसुन की प्यूरी थी, उसमें मेटिंग “पूरी तरह से समाप्त” हो गई थी। यही प्रभाव तब भी देखा गया जब फल मक्खियों की अन्य प्रजातियों के साथ प्रयोग को दोबारा दोहराया गया। सात में से छह प्रजातियों ने लहसुन के संपर्क में आने पर मेटिंग के व्यवहार में भारी गिरावट दिखाई।
अतिरिक्त अवलोकनों से पता चला कि इस सब्जी की मौजूदगी ने न केवल मक्खियों को मेटिंग करने से रोका, बल्कि इसने मादा मक्खियों को अंडे देने से भी रोक दिया। इस अरुचि के लिए गंध जिम्मेदार थी।
जिम्मेदार कंपाउंड और रिसेप्टर की खोज
थोड़ी गहराई से जांच करने और यह पता लगाने के लिए कि कीड़ों की इस अरुचि के लिए कौन सा विशिष्ट कंपाउंड या कंपाउंड्स जिम्मेदार थे, शोधकर्ताओं ने लहसुन की प्यूरी के भीतर के रासायनिक कंपाउंड्स को अलग किया। इसका जवाब था ‘डायलील डाइसल्फाइड’ (diallyl disulfide), जो कि एक रासायनिक कंपाउंड है और लहसुन की विशिष्ट गंध के लिए जिम्मेदार होता है।
एक इको फ्रेंडली कीट नियंत्रण
फल वाली मक्खियां ही एकमात्र उड़ने वाले कीड़े नहीं हैं जिनमें यह रिसेप्टर होता है। लहसुन त्सेत्से मक्खियों (tsetse flies) और एडीज (Aedes) वाहक मच्छरों के लिए भी अरुचिकर लगता है। ये दो ऐसे कीड़े हैं जो इंसानों और जानवरों में बीमारियां फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार, इससे यह संकेत मिलता है कि इस पौधे का उपयोग एक निवारक (deterrent) और कीट नियंत्रण के एक प्राकृतिक रूप में किया जा सकता है जो सस्ता, सुरक्षित और आसानी से सुलभ है।
डिस्क्लेमर : यह लेख कोई चिकित्सा सलाह नहीं दे रहा है और इसका उपयोग केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए।


