होर्मुज स्ट्रेट के लिए ईरान के नए नियम, जहाजों के लिए परमिट होगा ज़रूरी

होर्मुज स्ट्रेट के लिए ईरान के नए नियम, जहाजों के लिए परमिट होगा ज़रूरी

अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है। ;हालांकि दोनों के बीच बातचीत भी जारी है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर भी दोनों देशों में तनाव बना हुआ है। इस जलमार्ग में अभी भी अमेरिकी नाकेबंदी बनी हुई है, जिस वजह से ईरान ने अभी भी इसे पहले की तरह नहीं खोला है। अब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए नियम बना दिए हैं।

क्या हैं नए नियम?

हाल ही में लॉन्च की गई पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (Persian Gulf Strait Authority – PGSA) ने होर्मुज़ स्ट्रेट के प्रबंधन और निगरानी क्षेत्र की सीमाएं तय करते हुए नए नियम बनाए हैं। यह निगरानी क्षेत्र होर्मुज़ स्ट्रेट के पूर्व में ईरान के कुह मुबारक और यूएई के फुजैराह के दक्षिण को जोड़ने वाली रेखा से शुरू होकर होर्मुज़ स्ट्रेट के पश्चिम में ईरान के क़ेश्म द्वीप के छोर और यूएई के उम अल-क़ैवेन को जोड़ने वाली रेखा तक फैला हुआ है। इस प्रबंधन संस्था ने साफ कर दिया है कि होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने के लिए इस क्षेत्र में फ़्रीक्वेंसी के इस्तेमाल के लिए पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी जलमार्ग प्रबंधन के साथ समन्वय बनाए रखना ज़रूरी होगा। इतना ही नहीं, सभी जहाजों को इस जलमार्ग से गुज़रने के लिए परमिट भी लेना होगा।”

ईरान का अहम फैसला

पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी के गठन का यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता पर गतिरोध जारी है और कोई भी पक्ष अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं है। अमेरिका ने ईरान के परमाणु प्रोग्रामपर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है, जबकि ईरान अपनी ऊर्जा सुरक्षा पर कायम है और साथ ही होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण बनाए रखने से भी पीछे नहीं हट रहा है। होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े नए नियमों के फैसले ने हइस जलमार्ग से जुड़े घटनाक्रमों और कार्यों की देखरेख के लिए एक समर्पित संगठन की औपचारिक स्थापना का संकेत दे दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वैश्विक तेल और ऊर्जा शिपमेंट के लिए होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।

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