सीजफायर के बाद ईरान का बड़ा ऐलान, होर्मुज स्टेट के वैकल्पिक मार्गों की घोषणा की

सीजफायर के बाद ईरान का बड़ा ऐलान, होर्मुज स्टेट के वैकल्पिक मार्गों की घोषणा की

US Iran Ceasefire: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत ईरान ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक लाइनों में से एक, होर्मुज स्टेट के लिए वैकल्पिक समुद्री मार्गों की घोषणा की है। अमेरिका और इजरायल के साथ जंग शुरू होने के बाद ईरान ने इस मार्ग को बंद कर दिया था जिसके चलते पूरे विश्व में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने लगी थी। लंबे संघर्ष के बाद ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तें के सीजफायर की घोषणा हुई है। हालांकि ईरान और इजरायल के बीच हमले अभी भी जारी है ऐसे में युद्ध के फिर से शुरू होने का संकट लगातार बना हुआ है।

सुरक्षा जोखिमों के चलते वैकल्पिक रूट की घोषणा की

इसी बीच सुरक्षा जोखिमों को कम करने के लिए ईरान ने होर्मुज स्टेट के वैकल्पिक रूट की घोषणा कर दी है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि समुद्री मार्ग में बिछे संभावित सी माइन से टकराव के खतरे को देखते हुए जहाजों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना चाहिए। इस योजना के तहत जहाजों को ओमान की खाड़ी से लारक द्वीप के उत्तर से प्रवेश करने और दक्षिण दिशा से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही सभी जहाजों को आईआरजीसी नौसेना के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

लेबनान में हुए हमले के बाद की घोषणा

ईरान ने यह कदम उस समय उठाया जब उसने हाल ही में इस्राइल द्वारा लेबनान में किए गए हमलों के जवाब में होर्मुज स्टेट को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। इस कदम से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों के घायल होने की खबर है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। ईरान इस पूरे घटनाक्रम को अपने खिलाफ रणनीतिक दबाव के रूप में देख रहा है।

ईरान और अमेरिका का सीजफायर भी खतरे में

ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच हुआ दो सप्ताह का अस्थायी सीजफायर भी अब दबाव में नजर आ रहा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि लेबनान पर इस्राइली हमले रोकना शांति प्रस्ताव की प्रमुख शर्तों में शामिल है। वहीं अमेरिका ने साफ किया है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है। इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मतभेद बढ़ते दिख रहे हैं, जिससे भविष्य की बातचीत पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव बढ़ता है तो सीजफायर पूरी तरह टूट सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *