Iran-US Israel War : अमेरिका पर बरसे अजमेर शरीफ दरगाह प्रमुख, अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर जैनुल आबेदीन ने कही बड़ी बात

Iran-US Israel War : अमेरिका पर बरसे अजमेर शरीफ दरगाह प्रमुख, अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर जैनुल आबेदीन ने कही बड़ी बात

Iran-US Israel War : ईरान और अमेरिका-इज़रायल के बीच युद्ध पूरे शबाब पर है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद नए अपडेट में बताया जा रहा है कि उनके बेटे मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) की अमेरिकी-इज़रायली हमलों में मौत हो गई है। हालांकि अभी तक उनकी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। इधर राजस्थान में अमेरिका-इज़रायल के खिलाफ शिया मुसलमानों में बेहद नाराजगी है। इस मुद्दे पर अजमेर शरीफ दरगाह प्रमुख सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा, अयातुल्ला अली खामेनेई सिर्फ ईरान के सुप्रीम लीडर नहीं थे वे पूरी दुनिया में शिया धर्म को मानने वालों के प्रमुख थे।

अजमेर शरीफ दरगाह प्रमुख सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा, ईरान और इज़राइल के बीच जो चल रहा है इसे जंग नहीं कहा जा सका। इसे तानाशाही कहा जा सकता है। अमेरिका अपने हित के लिए दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्षों को बंदी बनाने की कोशिश कर रहा है। उनकी प्रापर्टी कब्जा करना चाह रहा है।

सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा, अमेरिका अपनी मर्जी थोपना चाहा है। जैसे कहूं वैसा न करने पर अपनी दादागिरी दिखाता है। आबेदीन ने अयातुल्ला अली खामेनेई के ऊपर जिस प्रकार अटैक किया गया, उसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है। अमेरिका-इज़रायल के हमले ढेर सारे बेकसूर मारे गए। ऐसे हमले में अपनी जान गंवाने वालों को शहीद का दर्जा दिया जाता है।

ये खानदान कभी भी यजीद के सामने झुके नहीं

सैयद जैनुल आबेदीन ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहाकि अयातुल्ला अली खामेनेई प्रोफेट मोहम्मद सलल्लाहु अलैहि वसल्लम के खानदान से हैं। हसनी और हुसैनी हैं। ये खानदान कभी भी यजीद के सामने झुके नहीं।

शिया धर्म को मानने वालों के प्रमुख थे खामेनेई

आबेदीन ने कहा कि ये जो अमेरिका और इज़रायल हैं ये यजीदी कौम हैं। अयातुल्ला अली खामेनेई सिर्फ ईरान के सुप्रीम लीडर नहीं थे वे पूरी दुनिया में शिया धर्म को मानने वालों के प्रमुख थे। खामेनेई की मौत के बाद पूरे विश्व में जो पैनिक फैला है, उसका पूरा कसूरवार अमेरिका है।

भारत सरकार से गुजारिश की

अमेरिका की तानाशाही पर सवाल उठाते हुए आबेदीन ने कहा कि क्या संयुक्त राष्ट संघ इसकी इजाजत देता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत और ईरान का बहुत पुराने समय से गहरा संबंध रहा है। मेरी भारत सरकार से गुजारिश है कि सरकार इस पैनिक को खत्म करने की पहल करे।

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