Donald Trump Iran Nuclear Weapon: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान की परमाणु हथियार क्षमता को खत्म कर दिया गया है और अब अमेरिका को इससे चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) से जुड़ी हालिया जानकारी इस मुद्दे को अभी बंद अध्याय नहीं मानती। ऐसे में ट्रंप के बयान और जमीनी परमाणु तस्वीर के बीच अंतर पर बहस तेज हो गई है।
Iran Nuclear Program: ट्रंप का दावा: ईरान की परमाणु क्षमता पूरी तरह समाप्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा है कि उसके परमाणु हथियार से अब चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उसकी क्षमता को खत्म कर दिया गया है। ट्रंप ने साथ ही तेल और अमेरिकी अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए अपने प्रशासन के प्रदर्शन की तुलना पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल से की।
IAEA की रिपोर्ट और स्वतंत्र पुष्टि का अभाव
हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त मान लेना फिलहाल उपलब्ध स्वतंत्र जानकारी से पुष्ट नहीं होता। न्यूज एजेंसी Reuters की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, IAEA ने ईरान के परमाणु पदार्थ और निरीक्षण व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं दर्ज की हैं। एजेंसी के सामने खास चुनौती यह है कि उसे हमलों से प्रभावित परमाणु ठिकानों और यूरेनियम भंडार की पूरी तरह स्वतंत्र पुष्टि के लिए आवश्यक पहुंच नहीं मिली है।
जून 2025 के अमेरिकी हमले और व्हाइट हाउस का पक्ष
मामले की पृष्ठभूमि जून 2025 के अमेरिकी हमलों से जुड़ी है। अमेरिका ने Fordow, Natanz और Isfahan जैसे अहम परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था। ट्रंप प्रशासन ने उस समय भी कहा था कि हमलों ने ईरान की प्रमुख परमाणु क्षमताओं को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। व्हाइट हाउस ने बाद में इन्हें बड़ी सैन्य सफलता के रूप में पेश किया।
खुफिया आकलनों पर उठते सवाल और यूरेनियम भंडार की अनिश्चितता
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। शुरुआती अमेरिकी खुफिया आकलनों में परमाणु कार्यक्रम के पूरी तरह नष्ट होने के दावे पर सवाल उठे थे। इसके बाद भी ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार और उसकी वास्तविक स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी रही।
सुरक्षा परिषद तक पहुंचा मामला: क्षति बनाम पूर्ण समाप्ति
Reuters की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, IAEA बोर्ड ने ईरान के परमाणु दायित्वों से जुड़े मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तक पहुंचाने का कदम उठाया। रिपोर्ट में कहा गया कि एजेंसी ईरान के परमाणु पदार्थ की स्थिति को लेकर पर्याप्त सत्यापन चाहती है। यानी सैन्य हमलों से सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचने और परमाणु कार्यक्रम के हर हिस्से के समाप्त हो जाने में महत्वपूर्ण अंतर है।
इस बीच तेल बाजार भी ईरान संकट से अछूता नहीं है। मध्य पूर्व में तनाव और संभावित अमेरिकी-ईरान समझौते को लेकर अनिश्चितता के बीच Brent कच्चा तेल करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। ऐसे में ट्रंप का ताजा बयान सिर्फ परमाणु सुरक्षा ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अमेरिकी विदेश नीति की बहस को भी फिर केंद्र में ले आया है।



‘We no longer have to worry about nuclear weapons with Iran because they’re wiped out’ — President Trump
BREAKING: Trump: Iran’s nuclear weapon has been destroyed, and we no longer need to worry about it