औरंगाबाद में मना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस:डीएम ने कहा- बेटा-बेटी के बीच भेदभाव खत्म होना चाहिए, महिलाएं बदलाव की मिसाल बनीं

औरंगाबाद में मना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस:डीएम ने कहा- बेटा-बेटी के बीच भेदभाव खत्म होना चाहिए, महिलाएं बदलाव की मिसाल बनीं

औरंगाबाद में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज कलेक्ट्रेट स्थित अनुग्रह नारायण नगर भवन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कला संस्कृति विभाग, बिहार सरकार महिला एवं बाल विकास निगम के सौजन्य से जिला प्रशासन के संयुक्त देखरेख में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, समान अधिकार और समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को लेकर सकारात्मक संदेश दिया गया।कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की ओर से बैलून को आकाश में उड़ाकर की गई। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। बेटा-बेटी के बीच भेदभाव खत्म होना चाहिए जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं समाज की आधी आबादी हैं और किसी भी समाज के विकास में उनकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जीविका दीदियों के काम की सराहना करते हुए कहा कि आज जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होकर समाज में बदलाव की मिसाल बन रही हैं। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि बेटा और बेटी के बीच भेदभाव खत्म होना चाहिए और दोनों को समान अवसर दिए जाने चाहिए। कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुआ, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह का माहौल बन गया। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह और अन्य वरीय अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया और अपने मधुर प्रस्तुति से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। वरीय उप समाहर्ता श्वेता प्रियदर्शी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के संघर्ष, उनकी उपलब्धियों और उनके सपनों को सम्मान देने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिले का नेतृत्व एक महिला जिलाधिकारी के हाथों में होना अपने आप में महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण है। हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएं उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाएं खेल, राजनीति, प्रशासन, शिक्षा और विज्ञान सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपनी अलग पहचान बना रही हैं। उन्होंने देश की पहली महिला आईएएस अधिकारी अन्ना राजम मल्होत्रा के संघर्ष और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने देश की लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा का काम किया और सिविल सेवा में महिलाओं की भागीदारी का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में औरंगाबाद की बेटियों की सफलता पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली शिक्षिकाओं, जीविका दीदियों और खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा छात्राओं और महिला कलाकारों की ओर से अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। इस अवसर पर वरीय अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा) उपेंद्र पंडित, अपर समाहर्ता (विशेष शाखा) मोहम्मद सादुल हसन खां, अपर समाहर्ता (जिला लोक शिकायत निवारण) जयप्रकाश नारायण, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, डीपीओ आईसीडीएस विनीता कुमारी, जिला कला संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों, छात्राओं और महिलाओं ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण के संदेश को मजबूती दी। औरंगाबाद में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज कलेक्ट्रेट स्थित अनुग्रह नारायण नगर भवन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कला संस्कृति विभाग, बिहार सरकार महिला एवं बाल विकास निगम के सौजन्य से जिला प्रशासन के संयुक्त देखरेख में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, समान अधिकार और समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को लेकर सकारात्मक संदेश दिया गया।कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की ओर से बैलून को आकाश में उड़ाकर की गई। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। बेटा-बेटी के बीच भेदभाव खत्म होना चाहिए जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं समाज की आधी आबादी हैं और किसी भी समाज के विकास में उनकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जीविका दीदियों के काम की सराहना करते हुए कहा कि आज जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होकर समाज में बदलाव की मिसाल बन रही हैं। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि बेटा और बेटी के बीच भेदभाव खत्म होना चाहिए और दोनों को समान अवसर दिए जाने चाहिए। कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुआ, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह का माहौल बन गया। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह और अन्य वरीय अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया और अपने मधुर प्रस्तुति से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। वरीय उप समाहर्ता श्वेता प्रियदर्शी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के संघर्ष, उनकी उपलब्धियों और उनके सपनों को सम्मान देने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिले का नेतृत्व एक महिला जिलाधिकारी के हाथों में होना अपने आप में महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण है। हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएं उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाएं खेल, राजनीति, प्रशासन, शिक्षा और विज्ञान सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपनी अलग पहचान बना रही हैं। उन्होंने देश की पहली महिला आईएएस अधिकारी अन्ना राजम मल्होत्रा के संघर्ष और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने देश की लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा का काम किया और सिविल सेवा में महिलाओं की भागीदारी का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में औरंगाबाद की बेटियों की सफलता पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली शिक्षिकाओं, जीविका दीदियों और खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा छात्राओं और महिला कलाकारों की ओर से अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। इस अवसर पर वरीय अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा) उपेंद्र पंडित, अपर समाहर्ता (विशेष शाखा) मोहम्मद सादुल हसन खां, अपर समाहर्ता (जिला लोक शिकायत निवारण) जयप्रकाश नारायण, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, डीपीओ आईसीडीएस विनीता कुमारी, जिला कला संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों, छात्राओं और महिलाओं ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण के संदेश को मजबूती दी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *