मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और बढ़ते तेल संकट के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ने वाला है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं, तो पाकिस्तान में महंगाई दर फिर से दहाई के आंकड़े को पार कर 11% तक पहुंच सकती है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया की कीमत 298 तक जा सकती है। डॉन और टॉपलाइन सिक्योरिटीज लिमिटेड की पाकिस्तान स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है कच्चा तेल, महंगाई बढ़ेगी रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा हालात में अगले एक साल तक महंगाई औसतन 9 से 10% के बीच रह सकती है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इसके 11% से ऊपर जाने का अनुमान है। अगर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो महंगाई बढ़ेगी और तेल में हर 10 डॉलर के उछाल से महंगाई 50 बेसिस पॉइंट बढ़ जाएगी। तेल 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने पर सालाना महंगाई 11% तक जा सकती है, जिससे स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान को ब्याज दरें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा। महंगाई के कारण पाकिस्तान की GDP ग्रोथ के अनुमान में भी कटौती बढ़ती महंगाई के कारण पाकिस्तान की आर्थिक ग्रोथ की रफ्तार धीमी होने की आशंका है। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2027 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 4.0% से घटाकर 2.5 से 3.0% कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2026 के लिए ग्रोथ 3.5 से 4.0% रहने की संभावना है। औद्योगिक क्षेत्र यानी इंडस्ट्रियल सेक्टर पर इसका सबसे बुरा असर पड़ सकता है, जहां ग्रोथ 4% से गिरकर महज 1% पर आ सकती है। वित्त वर्ष 2027 में पाकिस्तान का CAD 8 बिलियन डॉलर के पार जा सकता है रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर सरकार ने आयात यानी इंपोर्ट पर कंट्रोल नहीं रखा, तो वित्त वर्ष 2027 में पाकिस्तान का करंट अकाउंट डेफिसिट यानी CAD 8 बिलियन डॉलर (करीब ₹67,000 करोड़) के पार जा सकता है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव और बढ़ेगा। वहीं वित्त वर्ष 2026 में राजकोषीय घाटा यानी फिस्कल डेफिसिट GDP का 4.0 से 4.5% रहने का अनुमान है, जो इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के तय लक्ष्यों से काफी ज्यादा है। पाकिस्तानी मार्केट दुनिया का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला बाजार बना पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) दुनिया के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बाजारों में से एक रहा है। इसकी मुख्य वजह ऊर्जा के लिए आयात पर भारी निर्भरता है। पाकिस्तान अपनी जरूरत की 85% ऊर्जा आयात करता है। वित्त वर्ष 2026 में पेट्रोलियम आयात 15 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इसी वजह से साल की पहली तिमाही में मार्केट में 15% की गिरावट देखी गई है। एक्सपोर्ट और विदेशों से आने वाले फंड्स में भी गिरावट की आशंका पाकिस्तान के आर्थिक भविष्य पर रेमिटेंस (विदेशों से आने वाला पैसा) में 3.5% की कमी आ सकती है। खाड़ी देशों (GCC) से आने वाले पैसे में 10% की गिरावट आ सकती है। साथ ही एक्सपोर्ट में भी 4% की कमी होने का अनुमान है। पाकिस्तानी रुपया (PKR) भी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर वित्त वर्ष 2027 तक 298 के स्तर पर पहुंच सकता है। ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में डीजल 55% और पेट्रोल 43% महंगा: डीजल 184 महंगा होकर 520, पेट्रोल 137 बढ़कर 458 रुपया/लीटर हुआ; ईरान जंग का असर पाकिस्तान में डीजल-पेट्रोल सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। एक लीटर पेट्रोल 458 और डीजल 520 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) के पार पहुंच गया है। सरकार ने पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 55% का इजाफा किया है। पूरी खबर पढ़ें…
पाकिस्तान में 11% तक जा सकती है महंगाई दर:डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया 298 तक पहुंच सकता है; वजह- कच्चे तेल का महंगा होना


