इंडियन रेलवे ने नॉर्दर्न रेलवे के मुरादाबाद डिवीज़न के 712 रूट किलोमीटर (Rkm) वाले बाकी हिस्सों में 170 करोड़ रुपये की कुल लागत से ‘कवच वर्शन 4.0’ लगाने को मंज़ूरी दी है। मंज़ूर किए गए इस काम से स्वदेशी ‘ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम’ लगाकर डिवीज़न के रेलवे सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत किया जाएगा। रेल मंत्रालय के अनुसार, ‘कवच 4.0’ लागू होने से पहचाने गए हिस्सों में ट्रेन चलाने के लिए सुरक्षा की एक एडवांस्ड लेयर मिलेगी।
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‘कवच’ एक स्वदेशी रूप से विकसित ‘ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP)’ सिस्टम है जिसे ऑपरेशनल सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह ‘सिग्नल पासिंग एट डेंजर’ (SPAD) को रोकने में मदद करता है, असुरक्षित स्थितियों से बचने के लिए ज़रूरत पड़ने पर अपने-आप ब्रेक लगाता है, मुश्किल हालात में ट्रेन की स्पीड को कंट्रोल करता है और टक्कर के जोखिम को काफी कम करता है।
यह पहल भारतीय रेलवे की उस लगातार कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत वह अपने नेटवर्क पर ‘कवच’ (Kavach) कवरेज का विस्तार कर रही है और रेलवे सिग्नलिंग व ट्रेन सुरक्षा प्रणालियों को आधुनिक बना रही है। सरकार ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि भारतीय रेलवे ने जुलाई 2026 तक 2026-27 के लिए मिले बजट अनुदान का 1.14 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा, यानी लगभग 39 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल कर लिया है। साथ ही, सरकार ने संसद को पूरे नेटवर्क पर रेलवे सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और क्षमता बढ़ाने के कामों की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी।
लोकसभा में एक लिखित जवाब में, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के लिए कुल 2,93,030 करोड़ रुपये के बजट अनुदान के मुकाबले जुलाई तक 1,14,973 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मंत्री ने सदन को यह भी बताया कि स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम, ‘कवच वर्शन 4.0’ को 31 जुलाई 2026 तक 2,633 रूट किलोमीटर पर सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है। इस तैनाती में दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर पर 1,423 रूट किलोमीटर और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर पर 1,210 रूट किलोमीटर का हिस्सा शामिल है।
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जवाब में कहा गया कि भारतीय रेलवे में बड़े पैमाने पर ‘कवच वर्शन 4.0’ को लागू करने की योजना है। जवाब के अनुसार, भारतीय रेलवे के सभी गोल्डन क्वाड्रिलैटरल, गोल्डन डायगोनल, हाई डेंसिटी नेटवर्क और अन्य चिन्हित सेक्शन को कवर करते हुए 21,794 रूट किलोमीटर पर ट्रैकसाइड ‘कवच’ लगाने का काम शुरू किया गया है। सरकार ने बताया कि ‘कवच’ कार्यक्रम के तहत लगाए गए मुख्य घटकों में 11,547 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल, 1,721 टेलीकॉम टावर, 1,009 स्टेशनों पर स्टेशन डेटा सेंटर, 7,726 रूट किलोमीटर को कवर करने वाले ट्रैकसाइड उपकरण और 6,290 लोकोमोटिव में लगाए गए ‘कवच’ सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा, 7,190 और लोकोमोटिव तथा 1,200 EMU/MEMU ट्रेनों को भी इस सिस्टम से लैस करने का काम शुरू किया गया है।
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