अलवर में आयोजित SI भर्ती परीक्षा के पहले दिन प्रशासन की सख्ती और अभ्यर्थियों की परेशानी दोनों ही देखने को मिलीं। पहली पारी में परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को सख्त सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा, जहां कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों से जूते, चुन्नी और ज्वैलरी तक उतरवाई गई। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि एंट्री टाइम खत्म होते ही केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए, जिसके चलते कुछ मिनट की देरी से पहुंचे कई अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रह गए। परीक्षा का निर्धारित प्रवेश समय सुबह 9 बजे से 10 बजे तक था। लेकिन जैसे ही 10 बजे का समय पूरा हुआ, अधिकांश परीक्षा केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद पहुंचे अभ्यर्थी लगातार गेट पर खड़े होकर अंदर जाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। शहर के इमानुअल स्कूल केंद्र पर शिवाजी पार्क निवासी साक्षी गुप्ता मात्र 2 मिनट की देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा नहीं दे सकीं। साक्षी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब बड़े अधिकारी भी कई बार लेट पहुंचते हैं तो उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती, लेकिन अभ्यर्थियों के लिए इतनी सख्ती क्यों? उन्होंने प्रशासन से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की मांग की, क्योंकि उनकी देरी का मुख्य कारण ट्रैफिक जाम रहा। इसी केंद्र पर राजगढ़ से आई एक अन्य महिला अभ्यर्थी भी 2 मिनट लेट होने के कारण परीक्षा से वंचित रह गई। देखे PHOTOS…. कंपनी बाग के पास स्थित बाल भारती स्कूल केंद्र पर भी इसी तरह के हालात देखने को मिले। यहां एक महिला अभ्यर्थी मात्र 1 मिनट की देरी से पहुंची, लेकिन उसे भी प्रवेश नहीं दिया गया। वह जयपुर से अपने भाई के साथ बाइक पर परीक्षा देने आई थी। इसी केंद्र पर एक अन्य महिला अभ्यर्थी भी 3 मिनट की देरी के कारण परीक्षा नहीं दे पाई। हैप्पी स्कूल केंद्र पर भी दो महिला और एक पुरुष अभ्यर्थी कुछ मिनट की देरी के कारण परीक्षा से बाहर रह गए। केरवाला श्यामगंगा से आई मुकेश नाम की अभ्यर्थी बस से पहुंची, लेकिन वह 5 मिनट लेट हो गई, जिससे उसे भी परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया। उसके साथ आई एक अन्य अभ्यर्थी, जो 10 मिनट देरी से पहुंची थी, वह भी परीक्षा से वंचित रह गई। तिजारा से आया एक युवक भी समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण परीक्षा नहीं दे सका। अलवर जिले में SI भर्ती परीक्षा के लिए कुल 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां एक दिन में 17,904 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की ओर से सख्त निगरानी रखी जा रही है। साथ ही डमी कैंडिडेट पकड़वाने या नकल की सूचना देने वालों के लिए 1 लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई है। कुल मिलाकर पहले दिन की परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था तो मजबूत रही, लेकिन कुछ मिनट की देरी के कारण कई अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया, जिससे उनमें नाराजगी भी देखने को मिली।


