झाझा में सरकारी जमीन के अवैध दाखिल-खारिज:100 नामांतरण वादों की पुष्टि, 15 राजस्व कर्मचारियों की संलिप्तता, जिलाधिकारी ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की

झाझा में सरकारी जमीन के अवैध दाखिल-खारिज:100 नामांतरण वादों की पुष्टि, 15 राजस्व कर्मचारियों की संलिप्तता, जिलाधिकारी ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की

जमुई के झाझा प्रखंड में सरकारी जमीन के अवैध दाखिल-खारिज का बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर इस संबंध में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। लगभग 100 नामांतरण वादों के माध्यम से सरकारी जमीन का अवैध नामांतरण होने की पुष्टि हुई है। इस मामले में तत्कालीन अंचल अधिकारी अमित कुमार रंजन, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी जवाहर प्रसाद सिंह और तत्कालीन राजस्व कर्मचारी सह प्रभारी राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। 15 राजस्व कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई
प्रारंभिक जांच में करीब 7 अंचल अधिकारी, 8 राजस्व अधिकारी और 15 राजस्व कर्मचारियों की संलिप्तता प्रथम दृष्टया सामने आई है। यह कार्रवाई झाझा अंचल कार्यालय में सुनियोजित तरीके से गैरमजरूआ सरकारी भूमि के नामांतरण की शिकायत के बाद हुई। वर्तमान अंचल अधिकारी निशा कुमारी ने लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया था। इस समिति में एडीएम रविकांत सिन्हा, डीटीओ सुनील कुमार, डीपीआरओ वीरेंद्र कुमार और डीसीएलआर शामिल थे। समिति ने 27 फरवरी को झाझा अंचल कार्यालय पहुंचकर गैरमजरूआ भूमि से संबंधित दाखिल-खारिज अभिलेखों और नामांतरण वादों की गहन जांच की। जमुई के झाझा प्रखंड में सरकारी जमीन के अवैध दाखिल-खारिज का बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर इस संबंध में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। लगभग 100 नामांतरण वादों के माध्यम से सरकारी जमीन का अवैध नामांतरण होने की पुष्टि हुई है। इस मामले में तत्कालीन अंचल अधिकारी अमित कुमार रंजन, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी जवाहर प्रसाद सिंह और तत्कालीन राजस्व कर्मचारी सह प्रभारी राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। 15 राजस्व कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई
प्रारंभिक जांच में करीब 7 अंचल अधिकारी, 8 राजस्व अधिकारी और 15 राजस्व कर्मचारियों की संलिप्तता प्रथम दृष्टया सामने आई है। यह कार्रवाई झाझा अंचल कार्यालय में सुनियोजित तरीके से गैरमजरूआ सरकारी भूमि के नामांतरण की शिकायत के बाद हुई। वर्तमान अंचल अधिकारी निशा कुमारी ने लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया था। इस समिति में एडीएम रविकांत सिन्हा, डीटीओ सुनील कुमार, डीपीआरओ वीरेंद्र कुमार और डीसीएलआर शामिल थे। समिति ने 27 फरवरी को झाझा अंचल कार्यालय पहुंचकर गैरमजरूआ भूमि से संबंधित दाखिल-खारिज अभिलेखों और नामांतरण वादों की गहन जांच की।  

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