देश की सबसे बड़ी शहरी गैस वितरक इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में उसका एकल शुद्ध लाभ 93.5 प्रतिशत घट गया। कंपनी ने बताया कि गैस लागत में भारी वृद्धि ने मार्जिन को कम कर दिया, जिससे उच्च बिक्री मात्रा और राजस्व का प्रभाव बेअसर हो गया। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि अधिक बिक्री मात्रा और 26 प्रतिशत की सकल कारोबार वृद्धि के बावजूद दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ एक साल पहले के 372.51 करोड़ रुपये) से गिरकर 24.38 करोड़ रुपये रह गया।
आईजीएल ने कहा कि उसकी औसत दैनिक गैस बिक्री पहली बार एक करोड़ मानक घन मीटर प्रति दिन के आंकड़े को पार कर गई, जो पिछले साल की इसी अवधि में 93.1 लाख मानक घन मीटर प्रति दिन थी। समीक्षाधीन अवधि में सकल बिक्री कारोबार 4,431.63 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,999.13 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान सीएनजी की मात्रा में सालाना आधार पर नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पाइप से आने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की बिक्री में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई।
आईजीएल ने एक बयान में कहा कि उसने सरकार के पीएनजी ड्राइव 3.0 के तहत पारंपरिक ईंधनों के स्थान पर प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए दिल्ली-एनसीआर में 22 रेलवे प्रतिष्ठानों को पीएनजी की आपूर्ति करने के लिए उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के साथ एक समझौता किया है। बयान के मुताबिक यह समझौता शुरू में प्रति दिन लगभग 3,000 मानक घन मीटर गैस (एससीएमडी) की आपूर्ति करेगा, जो प्रतिदिन लगभग 500 किलोग्राम तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और 2,500 लीटर डीजल की जगह लेगा। आईजीएल के चेयरमैन शुभंकर सेन ने कहा, यह साझेदारी राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध दो बड़े संगठनों को एक साथ लाती है।
भारतीय रेलवे ने एलपीजी के स्थान पर पीएनजी का उपयोग करने के लिए आईजीएल को अपने सहयोगी भागीदार के रूप में चुना है और यह समझौता ज्ञापन (एमओयू) बड़ी मात्रा एलपीजी की जगह प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल को सुगम बनाएगा।

