बक्सर के नवानगर में स्थित एथेनॉल प्लांट के सीएमडी अजय सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से अपने प्लांट को बचाने की गुहार लगाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उनका प्लांट बर्बादी की कगार पर है। सिंह ने बताया कि भारत सरकार और बिहार सरकार के कहने पर उन्होंने यह एथेनॉल प्लांट लगाया था। उन्होंने अपने प्लांट के टैंक दिखाते हुए कहा कि इनमें एथेनॉल भरा हुआ है, लेकिन सरकार इसे खरीदने से मना कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या केवल उनके प्लांट की नहीं, बल्कि बिहार के लगभग सभी एथेनॉल प्लांट्स की है। ”पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है” अजय सिंह ने आरोप लगाया कि अगर 2021 में उनसे प्लांट लगाने और निवेश करने के लिए नहीं कहा गया होता, यह आश्वासन देकर कि भारत सरकार पूरा एथेनॉल खरीदेगी, तो वे यह काम नहीं करते। उन्होंने कहा कि इतना पैसा लगाने के बाद अब वे इतने विवश हैं कि उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। प्लांट में लगभग 700 लोग करते हैं काम सिंह ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए कहा कि प्लांट के टैंक एथेनॉल से भरे हैं और उनका बहुत सारा पैसा फंसा हुआ है। प्लांट में लगभग 700 लोग काम करते हैं, जिनकी आजीविका खतरे में है। उन्होंने बताया कि बिहार की नीति के अनुसार, वे एथेनॉल के अलावा कुछ और नहीं बना सकते, जबकि अन्य राज्यों में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। आपूर्ति 50 प्रतिशत कम कर दी गई उन्होंने दोहराया कि भारत सरकार के साथ समझौते के बाद ही उन्होंने यह प्लांट स्थापित किया था। सिंह ने तर्क दिया कि उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी क्योंकि उनका प्लांट शुरुआती एथेनॉल प्लांट्स में से एक था। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी आपूर्ति 50 प्रतिशत कम कर दी गई है और वे उत्पाद को खुले बाजार में बेच भी नहीं सकते। सिंह ने बैंक दिवालिया होने और भारी कर्ज की चिंता भी जताई। सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि लोगो को लगता है मै बहुत पैसा वाला हूं ।ऐसा नहीं है हमने पाई पाई जोड़कर ,बिहार को उद्योग को लगाया।मजदूरों को बिहार में रोजगार के रास्ते दिखाए। ”सरकार ने हमें बीच मझधार में छोड़ दिया” अंत में कहा कि अगर आप हमारे व्यथा को नहीं सुनते है तो हम तो अपना रास्ता अलग बनाएंगे। लेकिन लोग सरकार के वादों पर भरोसा करना छोड़ देंगे। हम लोग बहुत दर्द में है, दिल्ली बॉम्बे पटना लगातार विजिट कर रहे है। पेट्रोलियम डिपार्टमेंट में बात करना चाहते है। कोई तैयार नहीं है। सरकार ने हमें बीच मझधार में छोड़ दिया है। गुहार लगाते हुए कहा कि सरकार हमे इससे उबारे या कह दे कि इसे बंद कर दीजिए या कोई दूसरा रास्ता बताए। बक्सर जिले के नवानगर स्थित बीयाडा की जमीन पर स्थापित एथनॉल प्लांट का उत्पादन की खरीद घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।तब से यह बंद होने की कगार पर है । बक्सर के नवानगर में स्थित एथेनॉल प्लांट के सीएमडी अजय सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से अपने प्लांट को बचाने की गुहार लगाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उनका प्लांट बर्बादी की कगार पर है। सिंह ने बताया कि भारत सरकार और बिहार सरकार के कहने पर उन्होंने यह एथेनॉल प्लांट लगाया था। उन्होंने अपने प्लांट के टैंक दिखाते हुए कहा कि इनमें एथेनॉल भरा हुआ है, लेकिन सरकार इसे खरीदने से मना कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या केवल उनके प्लांट की नहीं, बल्कि बिहार के लगभग सभी एथेनॉल प्लांट्स की है। ”पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है” अजय सिंह ने आरोप लगाया कि अगर 2021 में उनसे प्लांट लगाने और निवेश करने के लिए नहीं कहा गया होता, यह आश्वासन देकर कि भारत सरकार पूरा एथेनॉल खरीदेगी, तो वे यह काम नहीं करते। उन्होंने कहा कि इतना पैसा लगाने के बाद अब वे इतने विवश हैं कि उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। प्लांट में लगभग 700 लोग करते हैं काम सिंह ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए कहा कि प्लांट के टैंक एथेनॉल से भरे हैं और उनका बहुत सारा पैसा फंसा हुआ है। प्लांट में लगभग 700 लोग काम करते हैं, जिनकी आजीविका खतरे में है। उन्होंने बताया कि बिहार की नीति के अनुसार, वे एथेनॉल के अलावा कुछ और नहीं बना सकते, जबकि अन्य राज्यों में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। आपूर्ति 50 प्रतिशत कम कर दी गई उन्होंने दोहराया कि भारत सरकार के साथ समझौते के बाद ही उन्होंने यह प्लांट स्थापित किया था। सिंह ने तर्क दिया कि उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी क्योंकि उनका प्लांट शुरुआती एथेनॉल प्लांट्स में से एक था। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी आपूर्ति 50 प्रतिशत कम कर दी गई है और वे उत्पाद को खुले बाजार में बेच भी नहीं सकते। सिंह ने बैंक दिवालिया होने और भारी कर्ज की चिंता भी जताई। सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि लोगो को लगता है मै बहुत पैसा वाला हूं ।ऐसा नहीं है हमने पाई पाई जोड़कर ,बिहार को उद्योग को लगाया।मजदूरों को बिहार में रोजगार के रास्ते दिखाए। ”सरकार ने हमें बीच मझधार में छोड़ दिया” अंत में कहा कि अगर आप हमारे व्यथा को नहीं सुनते है तो हम तो अपना रास्ता अलग बनाएंगे। लेकिन लोग सरकार के वादों पर भरोसा करना छोड़ देंगे। हम लोग बहुत दर्द में है, दिल्ली बॉम्बे पटना लगातार विजिट कर रहे है। पेट्रोलियम डिपार्टमेंट में बात करना चाहते है। कोई तैयार नहीं है। सरकार ने हमें बीच मझधार में छोड़ दिया है। गुहार लगाते हुए कहा कि सरकार हमे इससे उबारे या कह दे कि इसे बंद कर दीजिए या कोई दूसरा रास्ता बताए। बक्सर जिले के नवानगर स्थित बीयाडा की जमीन पर स्थापित एथनॉल प्लांट का उत्पादन की खरीद घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।तब से यह बंद होने की कगार पर है ।


