राजस्थान के सरकारी और निजी स्कूलों में 17 मई से छुट्टी, कब तक रहेगा अवकाश? जानिए लेटेस्ट आदेश

राजस्थान के सरकारी और निजी स्कूलों में 17 मई से छुट्टी, कब तक रहेगा अवकाश? जानिए लेटेस्ट आदेश

बीकानेर। राजस्थान के सरकारी एवं निजी स्कूलों में 17 मई से ग्रीष्मावकाश शुरू हो जाएगा। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने सभी संस्था प्रधानों को स्कूल भवन बंद करने के दौरान कक्षा कक्षों तथा अन्य कमरों की सही तरह से देखने को कहा गया है। इस बार शिविरा पंचांग के अनुसार स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां 17 मई से 20 जून तक घोषित की है। यानि इस बार 35 दिनों का अवकाश घोषित किया है। जबकि हर बार 45 दिनों का अवकाश रहता है।

21 जून से ही नियमित स्कूल खुलेंगे

इस अवधि में सिर्फ एक दिन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्कूल खुलते हैं। इसके बाद वापस बंद हो जाते हैं और एक जुलाई से नियमित स्कूल खुलने लगते हैं, लेकिन इस बार सरकार ने 21 जून से ही नियमित स्कूल खोलने का कार्यक्रम जारी किया है।

सही तरीके से देखभाल के बाद ताले लगाएं

विभाग ने कहा है कि स्कूल भवन बंद करने से पहले सभी कक्षा कक्षों एवं अन्य कमरों की सही तरह से देखभाल करें। इसके बाद ताले लगाए जाएं। ताकि कोई पशु-पक्षी कक्षा कक्षों में नहीं रह जाए। साथ ही छतों की भी अच्छी तरह से सफाई कराई जाए। इससे बरसात के दौरान पानी निकासी सही तरीके से हो सके। सभी संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि अवकाश के दौरान समय-समय पर स्कूल की देखभाल भी कराई जाए।

175 स्कूलों के प्रधानाचार्यों को नोटिस

इधर शिक्षा निदेशालय ने मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत संचालित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण कई विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी नोटिस में बताया गया है कि विभाग ने 3 से 18 वर्ष तक के सभी बालक-बालिकाओं का शत-प्रतिशत नामांकन और विद्यालयों में उनका ठहराव सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी थी।

नोटिस में यह भी उल्लेख है कि विभाग ने 6 और 25 मार्च के साथ 24 अप्रेल को प्रवेशोत्सव अभियान संबंधी दिशा-निर्देश प्रसारित किए थे। इसके बावजूद प्रदेश के 175 विद्यालयों में नामांकन लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं हुई है। इन विद्यालयों में गत वर्ष की तुलना में नामांकन में कमी दर्ज की गई है। इस स्थिति को विभागीय निर्देशों की अवहेलना और कार्य में लापरवाही माना गया है।

शालादर्पण रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विद्यालयों को तीन दिवस के भीतर नामांकन लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्हें प्रगति रिपोर्ट सहित स्पष्टीकरण भेजने को कहा गया है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जा सकती है। इसमें स्वामी विवेकानंद मॉडल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जैसे कई संस्थान सम्मिलित हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *