बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का 15 साल पुराना राज खत्म किया है। जाहिर है, यह एक दिन में नहीं हुआ है। भाजपा ने लगातार रणनीति बना कर दस साल की मेहनत के बाद किया है। इसके लिए उसने ममता बनर्जी के कई पुराने और भरोसेमंद साथियों को भी अपने साथ लिया। इनमें से एक बड़ा और प्रमुख नाम है सुवेंदु अधिकारी।
सुवेंदु अधिकारी ममता के लिए कितने महत्वपूर्ण थे
टीएमसी बनने के दो साल बाद (2000 में) अधिकारी कांग्रेस छोड़ कर ममता के साथ आए थे। वह उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगी बने। उन्होंने पार्टी को खूब मजबूत किया। 2006-07 में नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हुए किसानों का आंदोलन हुआ था। इस आंदोलन से तब की वामपंथी सरकार के खिलाफ और टीएमसी के पक्ष में माहौल बनाने में सबसे प्रमुख भूमिका अधिकारी ने ही निभाई ही थी। सिंगूर और नंदीग्राम के आंदोलन से उपजे असंतोष के दम पर ही ममता बनर्जी तीन दशक पुराना वामपंथी किला ढहाने में सफल हो पाई थीं।
सुवेंदु अधिकारी का ममता से कब और क्यों होने लगा मोह भंग
ममता के लिए सुवेंदु काफी मददगार साबित हो रहे थे और ममता उनसे काम भी खूब ले रही थीं। यह जुगलबंदी जम भी खूब रही थी। सुवेंदु का पार्टी में रुतबा काफी बढ़ गया था। वह एक तरह से अघोषित नंबर दो हो गए थे। लेकिन, तभी ममता ने भतीजे अभिषेक बनर्जी को पार्टी में नंबर दो की हैसियत दे दी। यहीं से सुवेंदु के मन में ममता के प्रति दूरी पैदा होने लगी और 2021 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। वह भाजपा में चले गए।
सुवेंदु अधिकारी ने ममता के खिलाफ भाजपा का कैसे दिया साथ
भाजपा ने ममता का हर भेद जानने वाले सुवेंदु की अहमियत पहचानी। पार्टी ने उन्हें ममता के खिलाफ बड़ा हथियार बनाया। भाजपा में जाते ही सुवेंदु ने सीएम के खिलाफ अपने सारे घोड़े खोल दिए और चुनाव में भी नंदीग्राम में ममता को पटखनी दे दी। इस तरह भाजपा में भी उनका रुतबा बढ़ता गया। पार्टी ने उन्हें विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया। विधान सभा के अंदर और बाहर लगातार सुवेंदु अधिकारी ममता और टीएमसी को कमजोर करने के लिए काम करते रहे।
बंगाल चुनाव नतीजे 1952 से 2026 तक: दस साल में कैसे बढ़ती गई भाजपा
| चुनाव वर्ष | पहला दल (सीटें) | दूसरा दल (सीटें) | तीसरा दल (सीटें) | चौथा दल (सीटें) | अन्य | कुल सीटें |
| 1952 | INC (150) |
CPI (28) |
KMPP (15) |
AIFB (11) |
34 | 238 |
| 1957 | INC (152) |
CPI (46) |
PSP (21) |
AIFB (8) |
25 | 252 |
| 1962 | INC (157) |
CPI (50) |
AIFB (13) |
RSP (9) |
23 | 252 |
| 1967 | INC (127) |
CPI(M) (43) |
BC (34) |
CPI (16) |
60 | 280 |
| 1969 | CPI(M) (80) |
INC (55) |
BC (33) |
CPI (30) |
82 | 280 |
| 1971 | CPI(M) (113) |
INC(R) (105) |
CPI (13) |
SUCI (7) |
56 | 280 |
| 1972 | INC(R) (216) |
CPI (35) |
CPI(M) (14) |
RSP (3) |
26 | 280 |
| 1977 | CPI(M) (178) |
JP (29) |
AIFB (25) |
INC(R) (20) |
42 | 294 |
| 1982 | CPI(M) (174) |
INC(I) (49) |
AIFB (28) |
RSP (19) |
24 | 294 |
| 1987 | CPI(M) (187) |
INC(I) (40) |
AIFB (26) |
RSP (18) |
23 | 294 |
| 1991 | CPI(M) (182) |
INC (43) |
AIFB (29) |
RSP (18) |
22 | 294 |
| 1996 | CPI(M) (153) |
INC (82) |
AIFB (21) |
RSP (18) |
20 | 294 |
| 2001 | CPI(M) (143) |
AITC (60) |
INC (26) |
AIFB (25) |
40 | 294 |
| 2006 | CPI(M) (176) |
AITC (30) |
AIFB (23) |
INC (21) |
44 | 294 |
| 2011 | AITC (184) |
INC (42) |
CPI(M) (40) |
AIFB (11) |
17 | 294 |
| 2016 | AITC (211) |
INC (44) |
CPI(M) (26) |
BJP (3) |
10 | 294 |
| 2021 | AITC (215) |
BJP (77) |
ISF (1) |
GJM (1) |
0 | 294 |
| 2026 | BJP (206) |
AITC (81) |
INC (2) |
Others (4) |
293 |
2026 में भाजपा ने अधिकारी को एक बार फिर ममता बनर्जी को हराने के लिए आगे किया। पार्टी ने उन्हें नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर (ममता के खिलाफ) से भी उतारा। इस बार भी उन्होंने ममता को शर्मनाक हार दी।
बीजेपी में अब तक की अपनी भूमिका के आधार पर सुवेंदु अधिकारी सीएम की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। उन्होंने जमीनी स्तर से राजनीति की है। पार्षद से लेकर मंत्री तक रहे हैं। उन्हें संगठन और प्रशासन, दोनों का अनुभव है। वह बंगाल में बीजेपी का चेहरा बन चुके हैं।
सुवेंदु अधिकारी कौन हैं
सुवेंदु अधिकारी राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी पुराने कांग्रेसी थे और टीएमसी के सांसद भी रह चुके हैं। उनके दो भाई दिव्येंदु और सौमेंदु भी राजनीति में हैं। ममता की तरह सुवेंदु ने भी कॉलेज से ही राजनीति शुरू कर दी थी।
मेदिनीपुर जिले की राजनीति में अधिकारी परिवार का पुराना दबदबा है। सुवेंदु और उनके पिता ने इस इलाके में शुरू से अपने लिए ठोस राजनीतिक जमीन तैयार की। इससे ममता को माकपा के दिग्गज और तामलुक के पूर्व सांसद लक्ष्मण सेठ का दबदबा खत्म करने में मदद मिली। नंदीग्राम आंदोलन के दिनों में इस इलाके में लक्ष्मण सेठ का अच्छा दबदबा था। 2006 में विधायक बन चुके सुवेंदु ने 2009 के लोक सभा चुनाव में तामलुक से सेठ को हरा दिया और 2014 में भी जीत कायम रखी। 2016 में ममता बनर्जी ने उन्हें बंगाल बुला लिया और अपनी सरकार में मंत्री बनाया।
सुवेंदु ने मंत्री रहते हुए न केवल टीएमसी को मजबूत किया, बल्कि अपने राजनीतिक प्रभाव का दायरा भी बढ़ाया। ममता का उन पर भरोसा भी बढ़ता गया। ममता अलग-अलग इलाके में टीएमसी का संगठन बनाने और पार्टी को मजबूत करने में उनकी मदद लेती रहीं। भाजपा में जाने के बाद वैसी ही मदद वहां भी की। भाजपा का पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने का सपना साकार हो रहा है तो इसमें उनकी बड़ी भूमिका है।
भवानीपुर चुनाव नतीजा 2026: सुवेंदु ने ममता को दी शर्मनाक हार
| क्र.सं. | उम्मीदवार | पार्टी | EVM वोट | पोस्टल वोट | कुल वोट | वोट % |
| 1 | सुवेंदु अधिकारी | भारतीय जनता पार्टी | 73,463 | 454 | 73,917 | 53.02 |
| 2 | ममता बनर्जी | ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस | 58,349 | 463 | 58,812 | 42.19 |
| 3 | प्रदीप प्रसाद | इंडियन नेशनल कांग्रेस | 1,243 | 14 | 1,257 | 0.9 |
| 4 | श्रीजीब विश्वास | कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) | 3,513 | 43 | 3,556 | 2.55 |
| 5 | अनुमिता शॉ | सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) | 217 | 2 | 219 | 0.16 |
| 6 | मणिका मुखर्जी | भारतीय न्याय-अधिकार रक्षा पार्टी | 70 | 3 | 73 | 0.05 |
| 7 | मलय गुहा रॉय | निर्दलीय (Independent) | 67 | 1 | 68 | 0.05 |
| 8 | मुमताज अली | निर्दलीय (Independent) | 79 | 0 | 79 | 0.06 |
| 9 | नारायण दास | निर्दलीय (Independent) | 83 | 1 | 84 | 0.06 |
| 10 | सफर शेख | निर्दलीय (Independent) | 71 | 0 | 71 | 0.05 |
| 11 | एसके सफी अहमद | निर्दलीय (Independent) | 141 | 1 | 142 | 0.1 |
| 12 | सुब्रत बोस | निर्दलीय (Independent) | 305 | 1 | 306 | 0.22 |
| 13 | नोटा (NOTA) | इनमें से कोई नहीं | 817 | 12 | 829 | 0.59 |
| कुल योग | 1,38,418 | 995 | 1,39,413 |
भवानीपुर विधान सभा सीट पर पहली बार टीएमसी को हराने वाले नेता बने सुवेंदु
| चुनाव वर्ष (Year) | विजेता/रनर अप (Position) | उम्मीदवार (Candidate) | पार्टी (Party) | वोट मिले (Votes) | उम्र (Age) | कुल वैध वोट डले (Valid Votes) | वोटर लिस्ट में मतदाता (Electors) | मतदान प्रतिशत (Turnout %) | वोट शेयर (Vote Share) |
| 2021 | 1 | शोभनदेव चट्टोपाध्याय | AITC | 73,505 | 77 | 1,27,376 | 2,07,588 | 61.36 | 57.71 |
| 2021 | 2 | रुद्रनील घोष | BJP | 44,786 | 47 | 1,27,376 | 2,07,588 | 61.36 | 35.16 |
| 2021 (उप चुनाव) | 1 | ममता बनर्जी | AITC | 85,263 | 66 | 1,18,580 | 2,06,527 | 57.42 | 71.9 |
| 2021 (उप चुनाव) | 2 | प्रियंका टिबरेवाल | BJP | 26,428 | 41 | 1,18,580 | 2,06,527 | 57.42 | 22.29 |
| 2016 | 1 | ममता बनर्जी | AITC | 65,520 | 61 | 1,37,455 | 2,05,713 | 66.82 | 47.67 |
| 2016 | 2 | दीपा दासमुंशी | INC | 40,219 | 55 | 1,37,455 | 2,05,713 | 66.82 | 29.26 |
| 2011 | 1 | सुब्रत बख्शी | AITC | 87,903 | 60 | 1,35,716 | 2,12,821 | 63.77 | 64.77 |
| 2011 | 2 | नारायण प्रसाद जैन | CPM | 37,967 | 53 | 1,35,716 | 2,12,821 | 63.77 | 27.98 |



INC (150)
CPI (28)
KMPP (15)
AIFB (11)
PSP (21)
INC(R) (105)