कई दशकों से, नीला रंग भारतीय खेलों की पहचान रहा है। अलग-अलग खेलों में, भारतीय टीमों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए नीली जर्सी पहनी है। लेकिन नीदरलैंड और बेल्जियम में हो रहे FIH हॉकी वर्ल्ड कप से पहले, हॉकी इंडिया ने पिछले महीने पुरुष और महिला दोनों टीमों के लिए केसरिया रंग की नई जर्सी पेश की।हॉकी इंडिया के मुताबिक, इसकी वजह साफ़ तौर पर दिखाई देना (विज़िबिलिटी) थी। फेडरेशन ने कहा कि नीली प्लेइंग यूनिफॉर्म, नीली सिंथेटिक प्लेइंग सतह के साथ घुल-मिल जाती थी, जो अब अंतरराष्ट्रीय हॉकी पिचों का स्टैंडर्ड रंग है। इस एक जैसे रंग की वजह से खिलाड़ियों को मैदान पर साफ़ तौर पर देखने में दिक्कत होती थी। इसे भी पढ़ें: Joe Root का Double Dhamal: Catches में Smith को पछाड़ा, Sachin के रिकॉर्ड की बराबरी भी कीहालांकि, शुक्रवार को एमस्टेलवीन में FIH वर्ल्ड कप के दूसरे राउंड में सह-मेजबान नीदरलैंड के खिलाफ भारत की महिला टीम का पहला मैच हुआ, जिसमें भारत केसरिया जर्सी में उतरा, जबकि नीदरलैंड ने नीली जर्सी पहनी थी। उसी नीली टर्फ पर, जिसके बारे में भारत का तर्क था कि नीली जर्सी से साफ़ दिखाई नहीं देता। शायद डच टीम को साफ़ दिखाई देने को लेकर वैसी कोई चिंता नहीं थी। पिछले महीने जब भारत की मुख्य जर्सी का रंग बदलने की घोषणा की गई, तो पूर्व कप्तान परगट सिंह, धनराज पिल्लै और विरेन रास्किन्हा ने इसकी आलोचना की। परगट ने सबसे खुलकर आलोचना की। हॉकी इंडिया के फ़ैसले की आलोचना करते हुए भारत के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने कहा कि देश में हर चीज़ का भगवाकरण किया जा रहा है।एक बार फिर भारतीय गोलकीपरों सविता और बिछू की अगुवाई में भारतीय डिफेंस ने साहसिक प्रदर्शन किया लेकिन पेरिस ओलंपिक और पिछले तीन बार की विश्व चैम्पियन नीदरलैंड की टीम ने एफआईएच विश्व कप के दूसरे दौर के पहले मुकाबले में शुक्रवार को 2 – 0 से जीत दर्ज की। इंग्लैंड के खिलाफ पिछले मैच में बारह पेनल्टी कॉर्नर बचाने वाले भारतीय गोलकीपरों और डिफेंडरों ने दुनिया की नंबर एक टीम को खचाखच भरे वेगनेर स्टेडियम पर खुलकर खेलने नहीं दिया। पहले दौर में तीन मैचों में पंद्रह गोल करने वाली डच टीम के लिये दूसरे मिनट में यिब्बी यानसेन ने और 38वें मिनट में फ्रेडरिक माल्टा ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागे। नीदरलैंड को आखिरी सेकंडों में भी पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे सविता ने रोक दिया। भारत को अब रविवार को आस्ट्रेलिया से खेलना है और सेमीफाइनल की उम्मीदें बचाये रखने के लिये उसे हर हालत में यह मैच जीतना होगा। नीदरलैंड टीम पेरिस ओलंपिक और पिछले विश्व कप में एक भी मैच नहीं हारी। इसके अलावा एफआईएच प्रो लीग के पिछले सत्र में सिर्फ दो मैच गंवाये थे। वेगनेर स्टेडियम पर डच समर्थक आरेंज जर्सी पहनकर आये थे जो आज भारत की जर्सी का रंग था जबकि सह मेजबान टीम नीली जर्सी में खेली। नीदरलैंड ने पहले दौर में जापान को 9-0 से, आस्ट्रेलिया को 4-2 से और चिली को 2-0 से हराया था जबकि भारतीय टीम भी अपराजेय रहते हुए दूसरे दौर में पहुंची। भारत ने चीन को 2-2 से और इंग्लैंड को 0-0 से ड्रॉ पर रोका जबकि दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से मात दी। नीदरलैंड ने अपेक्षा के अनुरूप बेहद आक्रामक शुरूआत करते हुए दूसरे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया जिस पर टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक छह गोल कर चुकी उसकी ड्रैग फ्लिकर यिब्बी यानसेन ने सातवां गोल दागा। इसे भी पढ़ें: Colombo Test: भारत के खिलाफ श्रीलंका ने झोंकी पूरी ताकत, चोटिल खिलाड़ियों के चलते Squad में बदलावपहला गोल जल्दी गंवाने के बाद भारतीय डिफेंस ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए नीदरलैंड के स्ट्राइकरों को बांधे रखा। पांचवें मिनट में इंग्लैंड को सर्कल में बाधित होने के कारण रेफरल पर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर यिब्बी के तूफानी शॉट को बिछू ने बायां पैर आगे करके कुशलता से रोका। इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी पूल मैच में अंतिम 30 सेकंड में गोल बचाने वाली बिछू ने उसी लय को कायम रखते हुए अगले मिनट फिर शानदार बचाव किया। भारतीय खिलाड़ी आठवें मिनट में पहली बार डच हाफ में घुसे फाउल से नीदरलैंड को फ्रीहिट मिल गई। बारहवें मिनट में नीदरलैंड की पियेन सैंडर्स का निशाना चूक गया। For more Sports News in Hindi Today please click here.
इसे भी पढ़ें: Joe Root का Double Dhamal: Catches में Smith को पछाड़ा, Sachin के रिकॉर्ड की बराबरी भी की
इसे भी पढ़ें: Colombo Test: भारत के खिलाफ श्रीलंका ने झोंकी पूरी ताकत, चोटिल खिलाड़ियों के चलते Squad में बदलाव
Hindi News – News in Hindi – Latest News in Hindi | Prabhasakshi

