Diabetes Reversal Episode 9: डायबिटीज को लोग अक्सर सिर्फ शुगर बढ़ना समझकर हल्के में ले लेते हैं। लेकिन सच यह है कि लगातार हाई शुगर शरीर के अंदर चुपचाप कई अंगों को नुकसान पहुंचाती रहती है। पत्रिका की डायबिटीज रिवर्सल सीरीज के 9वें एपिसोड में आज आप जानेंगे मेडिकल भाषा में डायबिटीज और आम भाषा में शुगर की बीमारी को क्यों माना जाता है साइलेंट किलर… किस तरह अनियंत्रित शुगर दिल, किडनी और नसों पर गंभीर प्रभाव डालती है। पढ़ें संजना कुमार की खास रिपोर्ट…
AIIMS भोपाल के एंड्रक्रिनोलॉजी/शुगर एक्सपर्ट डॉ. अल्पेश के मुताबिक डायबिटीज का सबसे खतरनाक पहलू ये है कि यह धीरे-धीरे शरीर के अंदरूनी अंगों को डैमेज करने लगती है। इस नुकसान का जब तक मरीज को पता चलता है, तब तक इन अंदरूनी अंगों का काफी हद तक नुकसान हो चुका होता है।
दिल को सबसे बड़ा खतरा
लगातार हाई शुगर रहने से सबसे बड़ा खतरा दिल पर नजर आता है। क्योंकि हाई शुगर के कारण रक्त वाहिकाओं की दीवारें मोटी और सख्त होने लगती हैं। इससे ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉ. अल्पेश कहते हैं कि डायबिटीज के मरीजों में हृदय रोगों की आशंका सामान्य लोगों की तुलना में 2-4 गुना तक ज्यादा होती है।
आंखों की रोशनी पर असर
लगातार हाई शुगर रहने से डायबिटिक रेटिनोपैथी आंखों की रेटिना की बारीक नसों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। इसके शुरुआती लक्षणों में धुंधलापन, काले धब्बे और फिर गंभीर स्थिति में अंधापन तक हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच जरूर करवाना चाहिए, ताकि गंभीर स्थिति आने से पहले ही इससे निपटा जा सके।
किडनी फेल्योर रिस्क
हाई शुगर किडनी की फिल्टरिंग प्रोसेसिंग को प्रभावित करती है। लगातार हाई शुगर से फिल्टरिंग क्षमता घटने लगत है। ऐसा होने पर पैरों में सूजन की समस्या नजर आएगी। पेशाब में झाग आना यानी प्रोटीन का शरीर से बाहर आना शुरू हो जाता है। धीरे-धीरे यह बीमारी किडनी फेल्योर की रिस्क बढ़ा देती है।
नसों को बड़ा नुकसान (न्यूरोपैथी)
high sugar high risk: लगातार शुगर अनियंत्रित रहने के कारण नसों को गंभीर नुकसान पहुंचता है। इसके कारण पैरों में झुनझुनी, जलन और सुन्नपन हो सकता है। इसके साथ ही घाव भरने में समय लगने लगता है। यह आम लक्षण हैं जो बताते हैं कि शुगर ने आपकी नसों को नुकसान पहुंचाया है, गंभीर नुकसान। ऐसे कई मामलों में पैरों में गंभीर संक्रमण या गैंगरीन होने के कारण पैरों के कटने की नौबत तक आ जाती है।

ब्रेन और स्ट्रोक का जोखिम भी दोगुना
high sugar high risk: हाई शुगर के कारण दिमाग में रक्तापूर्ति बाधित होने लगती है। इससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। याददाश्त कमजोर हो सकती है।
इम्यून सिस्टम होने लगता है कमजोर
high sugar high risk: डायबिटीज के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होने लगती है। इसके कारण बार-बार संक्रमण का खतरा बढ़ता है। फंगल इन्फेक्शन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं यदि कहीं घाव हो जाए तो उसे भरने में समय लगना इसका बड़ा संकेत है।
साइलेंट डैमेज क्यों है खतरनाक?
डॉ, अल्पेश का बताते हैं कि डायबिटीज के कारण शरीर के अंदरूनी अंगों को होने वाला नुकसान किसी तरह के दर्द या लक्षण के साथ शुरू नहीं होता है। यह अंदर ही अंदर अंगों को खराब या कमजोर करता जाता है। इसलिए शुगर का HbA1c टेस्ट जरूर करवाते रहें। ऐसे साइलेंट डैमेज से बचने के लिए ये टेस्ट बेहद जरूरी है।

ये खतरे किसी भी स्थिति में छोटे या टालने लायक नहीं हैं। आपको तुंरत डॉक्टर की सलाह की जरूरत है। मेडिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता है।
पत्रिका की इस हेल्थ सीरीज (डायबिटीज रिवर्सल) के अगले एपिसोड 10 में हम जानेंगे क्या है शुगर रिवर्सल का नया ट्रेंड, क्या सच में दोबारा डायबिटीज फ्री होकर साधारण लाइफ स्टाइल जी सकता है शुगर का मरीज… डायबिटी रिवर्सल और हेल्थ एक्सपर्ट्स से आप समझेंगे, रिवर्सल और क्योर का फर्क… किन मामलों में बंद या कम हो सकती हैं शुगर की दवाएं, किन स्थितियों में यह दावा है पूरी तरह भ्रामक। इसे जानने के लिए जुड़े रहें पत्रिका के साथ, क्योंकि अगली कड़ी में खुलेंगे कई बड़े सवालों के राज…।


