अररिया में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 45 मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें संबंधित अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी निष्पादन के निर्देश दिए गए। यह जनता दरबार सात निश्चय 3.0 के अंतर्गत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। जमीन की नापी एवं सीमांकन जैसे मुद्दे शामिल थे
प्राप्त मामलों में मुख्य रूप से फर्जी लगान रसीद, शिक्षक स्थानांतरण पर रोक, आशा बहाली, पंचायत क्षेत्र में बिजली पोल एवं तार की व्यवस्था, स्कूल में नामांकन संबंधी शिकायतें, निःशुल्क निबंधन की अनुमति, आंगनवाड़ी बहाली में अनियमितता, भूमि विवाद, दखल कब्जा, वासगीत पर्चा निर्गत करने, निजी जमीन पर अतिक्रमण और बंदोबस्ती जमीन की नापी एवं सीमांकन जैसे मुद्दे शामिल थे। भरगामा प्रखंड के कुशमोल से रानी देवी ने फर्जी लगान रसीद की शिकायत की। रानीगंज के कुपारी से गिरेन्द्र यादव और अन्य ग्रामीणों ने शिक्षक अनमोल कुमार के स्थानांतरण पर रोक लगाने की मांग की। जोकीहाट के मटियारी से बीबी मरजुदा ने आशा बहाली से संबंधित मामला उठाया, जबकि नरपतगंज के बाबुआन से लोचन कामैत ने पंचायत वार्ड संख्या 02 सहित अन्य क्षेत्रों में बिजली पोल और तार की समस्या रखी। तीनकौड़ी ने निःशुल्क निबंधन की अनुमति मांगी
इसी क्रम में भरगामा के सिरसिया हनुमानगंज से सोनी देवी ने स्कूल में नामांकन न होने की शिकायत की। फारबिसगंज के मजहुआ से तीनकौड़ी ने निःशुल्क निबंधन की अनुमति मांगी। जोकीहाट के बगनागर और पछियारी पिपरा से आए फरियादियों ने आंगनवाड़ी बहाली में अनियमितता का मुद्दा उठाया। वासगीत पर्चा निर्गत करने की मांग रखी
भूमि संबंधी मामलों में नरपतगंज के मधुरा पश्चिम से माया देवी ने भूमि विवाद और दखल कब्जा की शिकायत की। अररिया के तरोना भोजपुर से सती देवी ने वासगीत पर्चा निर्गत करने की मांग रखी। भरगामा के रघुनाथपुर और विषहरिया से क्रमशः अमीर लाल ऋषिदेव और सलाम ने निजी जमीन पर दखल कब्जा का मामला उठाया। शंकरपुर से हरदेव ऋषिदेव ने बंदोबस्ती जमीन की नापी और सीमांकन की मांग की। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अररिया में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 45 मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें संबंधित अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी निष्पादन के निर्देश दिए गए। यह जनता दरबार सात निश्चय 3.0 के अंतर्गत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। जमीन की नापी एवं सीमांकन जैसे मुद्दे शामिल थे
प्राप्त मामलों में मुख्य रूप से फर्जी लगान रसीद, शिक्षक स्थानांतरण पर रोक, आशा बहाली, पंचायत क्षेत्र में बिजली पोल एवं तार की व्यवस्था, स्कूल में नामांकन संबंधी शिकायतें, निःशुल्क निबंधन की अनुमति, आंगनवाड़ी बहाली में अनियमितता, भूमि विवाद, दखल कब्जा, वासगीत पर्चा निर्गत करने, निजी जमीन पर अतिक्रमण और बंदोबस्ती जमीन की नापी एवं सीमांकन जैसे मुद्दे शामिल थे। भरगामा प्रखंड के कुशमोल से रानी देवी ने फर्जी लगान रसीद की शिकायत की। रानीगंज के कुपारी से गिरेन्द्र यादव और अन्य ग्रामीणों ने शिक्षक अनमोल कुमार के स्थानांतरण पर रोक लगाने की मांग की। जोकीहाट के मटियारी से बीबी मरजुदा ने आशा बहाली से संबंधित मामला उठाया, जबकि नरपतगंज के बाबुआन से लोचन कामैत ने पंचायत वार्ड संख्या 02 सहित अन्य क्षेत्रों में बिजली पोल और तार की समस्या रखी। तीनकौड़ी ने निःशुल्क निबंधन की अनुमति मांगी
इसी क्रम में भरगामा के सिरसिया हनुमानगंज से सोनी देवी ने स्कूल में नामांकन न होने की शिकायत की। फारबिसगंज के मजहुआ से तीनकौड़ी ने निःशुल्क निबंधन की अनुमति मांगी। जोकीहाट के बगनागर और पछियारी पिपरा से आए फरियादियों ने आंगनवाड़ी बहाली में अनियमितता का मुद्दा उठाया। वासगीत पर्चा निर्गत करने की मांग रखी
भूमि संबंधी मामलों में नरपतगंज के मधुरा पश्चिम से माया देवी ने भूमि विवाद और दखल कब्जा की शिकायत की। अररिया के तरोना भोजपुर से सती देवी ने वासगीत पर्चा निर्गत करने की मांग रखी। भरगामा के रघुनाथपुर और विषहरिया से क्रमशः अमीर लाल ऋषिदेव और सलाम ने निजी जमीन पर दखल कब्जा का मामला उठाया। शंकरपुर से हरदेव ऋषिदेव ने बंदोबस्ती जमीन की नापी और सीमांकन की मांग की। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


