सड़क हादसे में पैर गंवाया, फिर भी की शादी:भागलपुर में बचपन के प्रेमियों ने लिए सात फेरे, लोगों ने दिया आशीर्वाद

सड़क हादसे में पैर गंवाया, फिर भी की शादी:भागलपुर में बचपन के प्रेमियों ने लिए सात फेरे, लोगों ने दिया आशीर्वाद

भागलपुर में एक सड़क दुर्घटना में पैर गंवाने वाले पंकज ने अपनी बचपन की प्रेमिका आरती से शादी कर ली। यह विवाह सुरखीकल मोहल्ले के शिव मंदिर में संपन्न हुआ। आरती ने पंकज का साथ देने का फैसला किया, भले ही उन्हें शारीरिक चुनौती का सामना करना पड़ा। सुरखीकल निवासी पंकज और गोलाघाट की आरती बचपन से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। उनका रिश्ता समय के साथ गहरा होता गया। कुछ समय पहले एक सड़क दुर्घटना में पंकज ने अपना एक पैर खो दिया, जिससे उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। हादसे के बाद परिस्थितियां कठिन हो गई थीं और समाज में कई तरह की बातें होने लगी थीं। इसके बावजूद, आरती का प्यार अडिग रहा। उन्होंने हर हाल में पंकज का साथ निभाने का निश्चय किया। गुरुवार को दोनों ने विवाह करने का फैसला किया। शिव मंदिर में विधि-विधान से विवाह, लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया आरती अपने घर से सीधे पंकज के पास पहुंचीं। गांव के शिव मंदिर में दोनों ने विधि-विधान से विवाह किया। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया। पंकज ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि हादसे के बाद भी उनका प्यार इतना मजबूत रहेगा। आरती ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि प्यार शरीर से नहीं, दिल से होता है और वह हर हाल में पंकज का साथ निभाएंगी। परिवार के सदस्य सुभाष कुमार यादव ने बताया कि शुरुआत में कुछ लोग इस रिश्ते के विरोध में थे, लेकिन बाद में सभी ने इसे स्वीकार कर लिया। मोहल्ले की निवासी शंजू देवी ने इस शादी को समाज के लिए एक महत्वपूर्ण घटना बताया। भागलपुर में एक सड़क दुर्घटना में पैर गंवाने वाले पंकज ने अपनी बचपन की प्रेमिका आरती से शादी कर ली। यह विवाह सुरखीकल मोहल्ले के शिव मंदिर में संपन्न हुआ। आरती ने पंकज का साथ देने का फैसला किया, भले ही उन्हें शारीरिक चुनौती का सामना करना पड़ा। सुरखीकल निवासी पंकज और गोलाघाट की आरती बचपन से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। उनका रिश्ता समय के साथ गहरा होता गया। कुछ समय पहले एक सड़क दुर्घटना में पंकज ने अपना एक पैर खो दिया, जिससे उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। हादसे के बाद परिस्थितियां कठिन हो गई थीं और समाज में कई तरह की बातें होने लगी थीं। इसके बावजूद, आरती का प्यार अडिग रहा। उन्होंने हर हाल में पंकज का साथ निभाने का निश्चय किया। गुरुवार को दोनों ने विवाह करने का फैसला किया। शिव मंदिर में विधि-विधान से विवाह, लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया आरती अपने घर से सीधे पंकज के पास पहुंचीं। गांव के शिव मंदिर में दोनों ने विधि-विधान से विवाह किया। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया। पंकज ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि हादसे के बाद भी उनका प्यार इतना मजबूत रहेगा। आरती ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि प्यार शरीर से नहीं, दिल से होता है और वह हर हाल में पंकज का साथ निभाएंगी। परिवार के सदस्य सुभाष कुमार यादव ने बताया कि शुरुआत में कुछ लोग इस रिश्ते के विरोध में थे, लेकिन बाद में सभी ने इसे स्वीकार कर लिया। मोहल्ले की निवासी शंजू देवी ने इस शादी को समाज के लिए एक महत्वपूर्ण घटना बताया।  

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