मधुबनी जिला फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तृतीय चरण के चौथे दिन भी राज्य में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा स्वयं इस कार्य की सघन मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सभी वरीय अधिकारी अपने आवंटित प्रखंडों में अभियान की प्रगति का जायजा ले रहे हैं। जिलाधिकारी द्वारा की जा रही सघन मॉनिटरिंग के सकारात्मक परिणाम भी दिखने लगे हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में किसी भी अधिकारी, कर्मी या सीएससी/वसुधा केंद्र संचालक की शिथिलता, लापरवाही या अरुचि पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक कर कार्य प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे
आनंद शर्मा प्रतिदिन शाम को वर्चुअल माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। इसका उद्देश्य कार्य में तेजी लाकर जिले के शत-प्रतिशत पात्र किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करना है। महाअभियान के तृतीय चरण के पहले दिन 15 सी.एस.सी./वसुधा केंद्र संचालकों का निबंधन रद्द किया गया है, और अन्य को भी चिन्हित किया जा रहा है। कैंप लगाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा
तृतीय चरण के लिए कार्य को मिशन मोड में करने हेतु जिले की सभी पंचायतों में कैंप लगाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। आंगनवाड़ी सेविका/सहायिका और पंचायत स्तरीय अन्य कर्मी किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कैंप तक ला रहे हैं। एग्रोस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रखंड और पंचायत स्तर पर विभिन्न विभागों के कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया
इनमें राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक और आंगनवाड़ी सेविका शामिल हैं। सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को कार्य के अनुश्रवण हेतु पंचायतें आवंटित की गई हैं। जिलाधिकारी ने डीपीओ, आईसीडीएस और सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि तृतीय महाअभियान के बाद प्रत्येक सेविका/सहायिका से एक प्रमाण पत्र लिया जाएगा। इस प्रमाण पत्र में यह पुष्टि होगी कि उनके पोषक क्षेत्र में आने वाले सभी किसानों (जिनके नाम से जमाबंदी कायम है) का किसान रजिस्ट्री हो चुका है। मधुबनी जिला फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तृतीय चरण के चौथे दिन भी राज्य में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा स्वयं इस कार्य की सघन मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सभी वरीय अधिकारी अपने आवंटित प्रखंडों में अभियान की प्रगति का जायजा ले रहे हैं। जिलाधिकारी द्वारा की जा रही सघन मॉनिटरिंग के सकारात्मक परिणाम भी दिखने लगे हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में किसी भी अधिकारी, कर्मी या सीएससी/वसुधा केंद्र संचालक की शिथिलता, लापरवाही या अरुचि पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक कर कार्य प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे
आनंद शर्मा प्रतिदिन शाम को वर्चुअल माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। इसका उद्देश्य कार्य में तेजी लाकर जिले के शत-प्रतिशत पात्र किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करना है। महाअभियान के तृतीय चरण के पहले दिन 15 सी.एस.सी./वसुधा केंद्र संचालकों का निबंधन रद्द किया गया है, और अन्य को भी चिन्हित किया जा रहा है। कैंप लगाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा
तृतीय चरण के लिए कार्य को मिशन मोड में करने हेतु जिले की सभी पंचायतों में कैंप लगाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। आंगनवाड़ी सेविका/सहायिका और पंचायत स्तरीय अन्य कर्मी किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कैंप तक ला रहे हैं। एग्रोस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रखंड और पंचायत स्तर पर विभिन्न विभागों के कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया
इनमें राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक और आंगनवाड़ी सेविका शामिल हैं। सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को कार्य के अनुश्रवण हेतु पंचायतें आवंटित की गई हैं। जिलाधिकारी ने डीपीओ, आईसीडीएस और सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि तृतीय महाअभियान के बाद प्रत्येक सेविका/सहायिका से एक प्रमाण पत्र लिया जाएगा। इस प्रमाण पत्र में यह पुष्टि होगी कि उनके पोषक क्षेत्र में आने वाले सभी किसानों (जिनके नाम से जमाबंदी कायम है) का किसान रजिस्ट्री हो चुका है।


