नयी दिल्ली/देहरादून, पांच अक्टूबर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस नेतृत्व की हिदायत के बावजूद सोमवार को प्रदेश में अपनी ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ निकाली, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें कड़ा संदेश देते हुए कहा कि व्यक्तिगत अभियानों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन द्वारा तय कार्यक्रमों के अनुसार केवल सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। रावत ने यात्रा निकालने से एक दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की थी। वह अगले एक-दो दिनों में पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे।
वेणुगोपाल ने सोमवार को कहा कि उनकी रावत से मुलाकात हुई है, जिस दौरान उन्होंने उनसे स्पष्ट रूप से कहा कि सभी नेताओं के साथ साथ मिलकर कोई भी चुनावी अभियान आगे बढ़ाया जाएगा। वेणुगोपाल ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर चुनावी राज्य में चल रहे अभियानों को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट किया गया कि हमारे अभियान उत्तराखंड के सभी नेताओं के साथ मिलकर संयुक्त रूप से आगे बढ़ाए जाएंगे और ये केवल कांग्रेस के तत्वावधान में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में होंगे।
इसका एकमात्र उद्देश्य पार्टी की जीत सुनिश्चित करना है।’’
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पार्टी व्यक्तिगत अभियानों को बर्दाश्त नहीं करेगी और संगठन द्वारा तय कार्यक्रमों के अनुसार केवल सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी को भरोसा है कि प्रदेश कांग्रेस के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की ऊर्जा एवं मेहनत से उत्तराखंड में कांग्रेस विजयी होगी। वेणुगोपाल ने उत्तराखंड के आगामी चुनाव को देखते हुए पार्टी संगठन को एकजुट होकर अभियान चलाने का संदेश दिया है।
कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने रावत को पत्र लिखकर उनसे यह यात्रा रोकने के लिए कहा था। सैलजा का कहना था कि चुनाव से कुछ महीने पहले किसी भी तरह का समानांतर कार्यक्रम कांग्रेस के हित में नहीं होगा। सैलजा ने कहा कि रावत की ओर से उनके पत्र का जवाब आया है और पूर्व मुख्यमंत्री उनसे सात या आठ अक्टूबर को मुलाकात कर स्पष्टीकरण देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इंतजार कर रहे हैं कि वह क्या कहना चाहते हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह नाराज हैं तो सैलजा ने कहा, ‘‘किसी बात की नाराजगी है। पार्टी ने उनको बहुत कुछ दिया है।’’
उनका कहना था कि चुनाव के समय पार्टी में अनुशासन बहुत जरूरी है। उधर, कांग्रेस आलाकमान की ओर से पार्टी में ‘समानांतर कार्यक्रम’ आयोजित नहीं करने की हिदायत के बावजूद पार्टी के वरिष्ठ नेता रावत ने सोमवार को उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के जसपुर से ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ निकाली।
इस दौरान उनके साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, चकराता के विधायक एवं उत्तराखंड चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, जसपुर के विधायक आदेश चौहान तथा अनेक नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। यात्रा के दौरान रावत ने कहा कि उनका मकसद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों को उखाड़ फेंकने के लिए काम करना है।

