Hanumangarh: सिस्टम पर सवाल; बड़े साहब दिला सकते हैं हथियार, लेकिन सुधार नहीं सकते ‘आधार’, लोग दिल्ली तक चक्करघिन्नी

Hanumangarh: सिस्टम पर सवाल; बड़े साहब दिला सकते हैं हथियार, लेकिन सुधार नहीं सकते ‘आधार’, लोग दिल्ली तक चक्करघिन्नी

Aadhaar Card Correction Issue: हनुमानगढ़: देश में पहचान का सबसे बड़ा दस्तावेज माने जाने वाले आधार कार्ड में गलती सुधारना आमजन के लिए मुश्किल जाता है। नाम, जन्मतिथि या लिंग में त्रुटि ठीक करवाने के लिए लोगों को जयपुर से लेकर नई दिल्ली तक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन फिर भी राहत नहीं मिल रही। दूसरी ओर जिला स्तर पर अफसरों को हथियार लाइसेंस जारी करने जैसे अधिकार प्राप्त है, लेकिन आधार में तय सीमा पार होने के बाद संशोधन की कोई शक्ति स्थानीय स्तर पर नहीं है।

जानकारी के अनुसार आधार कार्ड बनने के शुरुआती दौर में जल्दबाजी में बड़ी संख्या में कार्ड तैयार किए गए जिनमें नाम, जन्मतिथि और लिंग तक में गलतियां रह गईं। अब इन खामियों को दुरुस्त कराना लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
कई लोग सुधार के लिए गई दिल्ली स्थित यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथोरिटी ऑफ इंडिया कार्यालय तथा जा चुके हैं, लेकिन वहां भी समाधान नहीं होगा।

दो बार जाकर आया दिल्ली, नहीं हुआ काम

हनुमानगढ़ जंक्शन नई खुंजा निवासी अमरजीत शर्मा ने बताया कि मेरे पुत्र के आधार कार्ड में जन्मतिथि को ठीक करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहा हूं। स्थानीय स्तर पर एक बार दुरस्त करवा लिया था। बाद में फिर स्कूल में लगे शिविर में उसका आधार कार्ड गलत बना दिया गया। इसे दुरुस्त करवाने के लिए में दिल्ली भी जा चुका हूं। कुछ दिन पहले फिर दिल्ली जाकर ऑफलाइन आवेदन करवाया है। परंतु आधार कार्ड में जन्मतिथि अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई है।

पुराने पहचान पत्र भी अनिवार्य

आधार संशोधन के लिए गजट नोटिफिकेशन के साथ पुराने पहचान पत्र भी अनिवार्य कर दिए गए हैं। पहले इन संशोधनों की कई सीमा तय नहीं थी। कानून विशेषज्ञों के अनुसार जिला कलक्टर को प्रशासनिक अधिकार प्राप्त हैं, तो आपात स्थिति में आधार संशोधन की शक्ति भी उन्हें दी जानी चाहिए, ताकि आमजन को सात मिल सके।

भेजा है प्रस्ताव

इधर जिले में पिछले सात-आठ महीनों से अधिकांश आधार केंद्र बंद होने से समस्या और बढ़ गई है। हालाकि करीब 50 नए केंद्र खोलने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है, जिसने भविष्य में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

नियम की पालना

आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग में बदलाव केवल दो बार ही करवाया जा सकेगा। जबकि जन्मतिथि व लिंग में परिवर्तन केवल एक बार ही हो रहा है। लिमिट क्रॉस होने के बाद आधार में किसी भी कमी को दुरुस्त करने का कार्य दिल्ली के स्तर पर होता है। स्थानीय स्तर पर हम लोगों को सही जानकारी देकर राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

आशीष सिहाग, उप निर्देशक
सूचना प्रौधोगिकी एवं संकर विभाग हनुमानगढ़।

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