Hantavirus Alert: हाल ही में WHO ने एक मेडिकल इमरजेंसी की जानकारी दी है। नीदरलैंड के क्रूज शिप MV Hondius पर हंता वायरस के स्ट्रेन एंडिस (Andes virus) ने हमला किया है। ब्रिटेन ने इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन (IHR) के तहत इस प्रकोप की सूचना दी गई थी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वर्तमान महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस के अनुसार, अब तक कुल 8 मरीज मिले हैं, जिनमें से 5 में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। यह वायरस कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह करीबी संपर्क में रहने वाले इंसानों के बीच भी फैल रहा है। आइए जानते हैं कि WHO ब्रीफिंग में इसके बारे में क्या बताया गया है।
क्यों है यह दूसरों से अलग?
आमतौर पर हंता वायरस चूहों की लार, पेशाब या मल के संपर्क में आने से फैलता है। लेकिन एंडिस वायरस (Andes virus), जो लैटिन अमेरिका में पाया जाता है, इकलौती ऐसी प्रजाति है जो इंसानों के बीच भी फैल सकती है। यह उन लोगों में फैलता है जो संक्रमित मरीज के साथ लंबे समय तक और बहुत करीबी संपर्क में रहते हैं, जैसे घर के सदस्य या मेडिकल स्टाफ। इस वायरस का असर दिखने में (Incubation Period) 6 हफ्ते तक का समय लग सकता है, इसलिए आने वाले दिनों में नए मामले बढ़ सकते हैं।
WHO ब्रीफिंग (बचाव के लिए क्या कदम उठाए गए?)
WHO ब्रीफिंग में डॉ. टेड्रोस ने बताया कि WHO इस समय 12 देशों (कनाडा, जर्मनी, स्वीडन, तुर्की, अमेरिका आदि) के साथ मिलकर काम कर रहा है। बचाव के लिए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की सहमति के बाद जहाज अब कैनरी द्वीप (Canary Islands) की ओर जा रहा है। सभी यात्रियों को उनके केबिन में रहने को कहा गया है और जहाज को पूरी तरह डिसइन्फेक्ट किया जा रहा है। जहाज पर WHO, नीदरलैंड और यूरोप के टॉप डॉक्टर्स तैनात हैं जो हर यात्री की मेडिकल जांच कर रहे हैं। अर्जेंटीना से 2500 स्पेशल डायग्नोस्टिक किट मंगवाई गई हैं ताकि 5 अलग-अलग देशों की लैब में टेस्टिंग तेज की जा सके। WHO का कहना है कि हालांकि यह एक गंभीर घटना है, लेकिन आम जनता के लिए रिस्क फिलहाल कम है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


