Guwahati में हिरासत में लिए गए कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi, CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन

Guwahati में  हिरासत में लिए गए कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi, CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन

गुवाहाटी में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। वे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेड पार करने की कोशिश कर रहे थे। यह विरोध ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के बाद हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थीं। इनमें ‘फॉर्म 6’ में बदलाव और वोटर लिस्ट के डेटा को संभालने से जुड़े मामले शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ये आपत्तियां उन फैसलों को लेकर थीं जो कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना या उनकी सिफारिशों के खिलाफ लिए गए थे। 

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हिरासत में गौरव गोगोई 

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किए हैं। पार्टी नेता वोटर लिस्ट (electoral rolls) के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों को लेकर कुमार के इस्तीफ़े और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। गुवाहाटी में कांग्रेस सांसद गोगोई और पार्टी के कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया, जब उन्होंने कथित तौर पर राजीव भवन के पास पुलिस बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की। यह विरोध प्रदर्शन पार्टी के राज्य मुख्यालय से शुरू हुआ और इसे मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय तक जाना था, जहाँ प्रदर्शनकारियों की योजना CEC का पुतला जलाने की थी। विरोध प्रदर्शन के दौरान ANI से बात करते हुए, गोगोई ने कुमार के इस्तीफ़े की माँग की और चुनाव आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की माँग की।

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उन्होंने कहा कि आज जब लोगों को पता चल गया है कि ज्ञानेश कुमार जी ने अपराध और देशद्रोह किया है, तो उन्हें आज ही इस्तीफ़ा दे देना चाहिए और उनके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। गोगोई ने कहा कि यह मामला नागरिकों के वोट देने के मौलिक अधिकार से जुड़ा है और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट की सुरक्षा करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा आज भारत एक लोकतंत्र है क्योंकि यहाँ निष्पक्ष चुनाव होते हैं और लोगों का वोट देने का अधिकार सुरक्षित है। आज उन्होंने लोकतंत्र पर हमला किया है। आने वाले समय में भारत की जनता उन्हें बख्शेगी नहीं।

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