Ahmedabad गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के ऐलान के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक तरफ भाजपा ने टिकट के दावेदारों को लेकर रायशुमारी आरंभ कर दी है वहीं कांग्रेस ने भी चुनाव को लेकर कमर कसते हुए रणनीति को अंतिमरूप देना शुरू किया है। उधर आम आदमी पार्टी ने इन चुनावों को लेकर उम्मीदवारों की पहली सूची पहले ही जारी कर दी थी और अब पार्टी उम्मीदवारों की दूसरी सूची जल्द ही घोषित करने जा रही है।
सत्तारूढ़ भाजपा ने गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा होने के साथ ही रायशुमारी (सेंस लेने) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके तहत पार्टी ने हर विधानसभा के आधार पर तीन निरीक्षक नियुक्त किए हैं, जो संबंधित विधानसभा क्षेत्र में जाकर वहां के स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं से उनकी राय ले रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय निकाय चुनाव में दावेदारी करने वाले नेताओं, कार्यकर्ताओं से उनके दावेदारी पत्र भी स्वीकार कर रहे हैं। इन दावेदारी पत्रों के आधार पर पार्टी आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर उम्मीदवारों के नाम तय करेगी।
हर सीट के लिए तीन-तीन दावेदारों के नाम का पैनल
एक अप्रेल से शुरू हुई यह प्रक्रिया चार अप्रेल तक चलेगी। इसके बाद संबंधित जिला और शहर के स्थानीय अध्यक्ष, महामंत्री, जिले की चुनाव समिति, विधायक, पदाधिकारियों के साथ बैठक कर हर सीट के लिए तीन-तीन दावेदारों के नाम का पैनल बनाकर प्रदेश चुनाव समिति को भेजी जाएगी। समिति की बैठक में चर्चा के बाद उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगेगी। पार्टी नेतृत्व से मंजूरी के बाद नाम घोषित किए जाएंगे।
अहमदाबाद शहर के 48 वार्ड के लिए सेंस प्रक्रिया आरंभ
अहमदाबाद शहर के 48 वार्डों के लिए गुरुवार से सेंस की प्रक्रिया शुरू हुई। इसमें दरियापुर, असारवा विधानसभा क्षेत्र के वार्डों के लिए शाहीबाग स्थित राणी सती मंदिर में सेंस की प्रक्रिया शुरू की गई। सुबह से शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत सबसे पहले शाहपुर वार्ड के कार्यकर्ताओं और नेताओं की दावेदारी को निरीक्षक व राज्य के मंत्री त्रिकम छांगा, पूर्व सांसद गीताबेन राठवा व भरत शिंगाळा ने सुना है। इसके बाद दरियापुर और फिर असारवा के कार्यकर्ताओं की दावेदारी सुनी गई। सरसपुर में दोपहर 12 बजे की जगह तीन निरीक्षक पंकज मेहता, चंद्रशेखर दवे और रेखाबेन डुंगरानी के देरी से पहुंचने पर दावेदारों में नाराजगी नजर आई।
तीन बार चुनाव लड़ने, 60 वर्ष से ज्यादा को टिकट नहीं!
पार्टी सूत्रों के तहत भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनाव के लिए भी उसके प्रचलित नियमों की पालना करने का निर्णय किया है। इसके तहत 60 साल से अधिक आयु के कार्यकर्ता को टिकट नहीं दी जाएगी। तीन बार चुनाव लड़ने वाले कार्यकर्ता को भी टिकट नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं जिला, शहर के वार्ड प्रमुख को भी टिकट नहीं मिलेगी।
टिकट देने का निर्णय प्रदेश चुनाव समिति करेगी
हालांकि गुजरात प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ.अनिल पटेल ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के लिए फिलहाल ऐसा कोई मापदंड तय नहीं किया गया है। पार्टी का हर कार्यकर्ता चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश कर सकता है। टिकट देने का निर्णय प्रदेश चुनाव समिति करेगी। समिति ही तय करेगी कि क्या नियम होंगे।


