Ahmedabad. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि चुनाव आयोग को पूरी स्वायत्ता है। चुनाव आयोग पूरी निष्ठा और पारदर्शिता से देशभर में चुनाव कराता है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि जिन लोगों ने अपने शासन में चुनाव आयोग की स्वायत्ता पर प्रहार किया था, वह लोग आज पारदर्शिता से काम कर रहे चुनाव आयोग पर अंगुली उठा रहे हैं। चुनाव आयोग पर राहुल गांधी, उनके सहयोगी और विपक्षी दलों ने जो आरोप लगाए हैं, वह तथ्यहीन हैं। मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।
रविवार को कोबा स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फॉर्म नंबर 6 नए मतदाताओं के पंजीकरण का महत्वपूर्ण फॉर्म है। सुप्रीमकोर्ट ने भी इसे योग्य माना है। एसआइआर की विशिष्ट प्रक्रिया और सामान्य मतदाता के पंजीकरण की प्रक्रिया को एक ही तरीके से देखना उचित नहीं है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में एसआइआर प्रक्रिया चल रही है, जहां यह पूरी हुई है, वहां आगे की कार्यवाही हो रही है। कोई भी योग्य व्यक्ति अपने मताधिकार से वंचित न रहे उसके लिए योग्य कदम उठाए जा रहे हैं।
सीएम ने कहा कि चुनाव आयोग के अंदर मत-मतांतर होने के आरोप भी बेबुनियाद हैं। आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सहित तीनों आयुक्तों ने स्पष्ट किया है कि एसआइआर प्रक्रिया के सभी निर्णय सर्व सहमति से लिए गए हैं। यह साबित करता है कि राहुल गांधी और उनके साथी लोगों की नजर में बने रहने के लिए ही इस प्रकार के प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस के तो खाने के और दिखाने के दांत अलग-अलग रहे हैं। जब-जब वह चुनाव जीतते हैं, तब लोकतंत्र की विजय और चुनाव आयोग की तटस्थता की बात करते हैं, लेकिन जब जनादेश मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा को मिलता है, तब वोट चोरी और गड़बड़ी की झूठी बातें करते हैं।
राजनीतिक स्वार्थ के लिए स्वायत्त संस्थाओं पर सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अपने राजकीय स्वार्थ के लिए चुनाव आयोग और सुप्रीकोर्ट सहित अन्य स्वायत्त संस्थाओं पर सवाल उठाकर उनकी विश्वसनीयता को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। आजादी के बाद दशकों तक देश में सत्ता में रहने वाली कांग्रेस मोदी और भाजपा की सफलताओं को सहन नहीं कर सकती, इसलिए वह अपना अस्तित्व बचाने के लिए चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्थाओं पर सवाल उठा रही है। चुनाव आयोग की स्पष्टता के बाद कांग्रेस के आरोपों का वास्तविक चित्र स्पष्ट हो गया है।
ज्ञात हो कि राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले ही एसआइआर में गड़बड़ी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।

