बरेली। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) यूनिट बरेली ने 10 किलो अफीम के साथ महिला समेत दो तस्करों को दबोचकर झारखंड से पंजाब तक फैले सप्लाई नेटवर्क का खुलासा किया है। बरामद अफीम की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को उस वक्त पकड़ा जब वे खेप लेकर आगे सप्लाई करने जा रहे थे।
बरेली-बदायूं रोड पर थाना भमोरा क्षेत्र के ग्राम सिरोई स्थित शिव ब्रिकफील्ड जाने वाले रास्ते पर एएनटीएफ ने घात लगाकर कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी पहुंचे, टीम ने घेराबंदी कर दबोच लिया। दोनों के पास से 10 किलो अफीम के साथ मोबाइल फोन, दो रेलवे टिकट और नगदी भी मिली। पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया।
झारखंड से लाते थे काला माल, पंजाब तक जाती थी सप्लाई
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बदायूं के ग्राम सिरसवा निवासी प्रेम गिरी और झारखंड के चतरा जिले की धर्मी देवी के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों रिश्ते में दामाद-सास बताए जा रहे हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे झारखंड से अफीम लाकर अपने गांव के एक व्यक्ति को देते थे, जो आगे पंजाब में इसकी सप्लाई करता था। मुनाफा आपस में बांट लिया जाता था। पुलिस अब उस कथित मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है, जो इस नेटवर्क का बड़ा खिलाड़ी माना जा रहा है। 10 किलो अफीम की बरामदगी महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस जहर की कहानी है जो युवाओं की जिंदगी को निगलने की साजिश रच रहा था। एएनटीएफ की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले को नशे का ट्रांजिट प्वाइंट बनाने की कोशिशें नाकाम की जाएंगी।
नेटवर्क की जड़ें तलाश रही पुलिस
एएनटीएफ प्रभारी विकास यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना भमोरा में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस महानिदेशक स्तर से मिल रहे निर्देशों के बीच एएनटीएफ पूरे नेटवर्क की परतें उधेड़ने में जुटी है। रेलवे टिकट मिलने से यह भी अंदेशा है कि तस्करी के लिए ट्रेन मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा था। सूत्रों की मानें तो पुलिस जल्द ही पंजाब लिंक का खुलासा कर सकती है। एएनटीएफ की टीम अब उन लोगों की सूची खंगाल रही है जो इस नेटवर्क में जुड़े हो सकते हैं। नशे के खिलाफ यह कार्रवाई एक संदेश है बरेली को ड्रग्स हब बनाने की कोशिश करने वाले अब सावधान रहें, कानून की पकड़ और सख्त होने वाली है।


