Pongal Free Gas Cylinder 2027: तमिलनाडु में महिलाओं और कमजोर तबके के परिवारों को लेकर सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में नियम 110 के तहत ‘अन्नपूर्णी सुपर सिक्स’ योजना के पहले चरण की घोषणा करते हुए हर साल तीन रसोई गैस सिलेंडर की लागत सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में देने की बात कही है। सरकार के मुताबिक करीब 1.30 करोड़ परिवार इससे जुड़ेंगे। योजना को अगले साल पोंगल से लागू करने की तैयारी है और इसके लिए हर साल करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
Tamil Nadu Free Gas Cylinder Scheme : पोंगल पर मिलेगा बड़ा तोहफा
तमिलनाडु की राजनीति में महिलाओं को केंद्र में रखकर किए जा रहे कल्याणकारी ऐलानों के बीच मुख्यमंत्री विजय ने एक और बड़ा कदम सामने रखा है। विधानसभा में नियम 110 के तहत दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि सरकार खाना पकाने वाले गैस सिलेंडरों की कीमत का बोझ कम करने के लिए नई व्यवस्था लागू करेगी।
‘अन्नपूर्णी सुपर सिक्स’ योजना के पहले चरण में महिला मुखिया वाले परिवारों को साल में तीन एलपीजी सिलेंडरों की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। यानी लाभार्थी को योजना का फायदा लेने के लिए किसी बिचौलिए पर निर्भर नहीं रहना होगा।
सरकार का दावा है कि 1,30,16,104 परिवार इस पहल के दायरे में आएंगे। खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, छोटे और सीमांत किसानों, दिव्यांग व्यक्तियों के परिवारों तथा अन्य कमजोर वर्गों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
हर साल 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
योजना का सबसे बड़ा पहलू इसका वित्तीय आकार है। सरकार के अनुसार इसके लिए हर साल करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना की तैयारी शुरू हो चुकी है और इसे पोंगल पर्व से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
एलपीजी सिलेंडर की कीमत में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे घर के मासिक बजट को प्रभावित करता है। ऐसे में साल में तीन रिफिल की लागत सरकार की ओर से बैंक खाते में पहुंचने पर निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों के घरेलू खर्च को कुछ राहत मिल सकती है।
हालांकि, योजना का वास्तविक असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि पात्रता की अंतिम शर्तें क्या होंगी, सिलेंडर की राशि किस आधार पर तय होगी और भुगतान की प्रक्रिया कितनी तेज रहती है।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का भी ऐलान
गैस सिलेंडर के साथ महिलाओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए ‘वेट्री पयनम’ योजना भी सरकार की महिला-केंद्रित पहलों में शामिल है। इसके तहत शहरों और कस्बों में महिलाओं को डीलक्स और एक्सप्रेस बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की गई है।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तमिलनाडु में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा पहले से एक बड़ा कल्याणकारी कार्यक्रम रही है। राज्य सरकार के बजट दस्तावेज में भी महिलाओं के मुफ्त बस पास को प्रमुख योजनाओं में शामिल किया गया है।
राज्य में मौजूदा व्यवस्था के तहत साधारण सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मार्च 2025 तक इस व्यवस्था के तहत महिलाओं ने 662.68 करोड़ यात्राएं की थीं और एक अध्ययन में प्रति महिला यात्री औसतन करीब 888 रुपये मासिक बचत का अनुमान सामने आया था।
यही वजह है कि मुफ्त यात्रा का दायरा अगर प्रीमियम या अतिरिक्त बस सेवाओं तक बढ़ता है तो महिलाओं, खासकर कामकाजी और रोजाना सफर करने वाली महिलाओं के लिए इसका सीधा आर्थिक फायदा हो सकता है।

