पोकलेन मशीन बेचने के नाम पर 17.50 लाख की ठगी:सोनभद्र पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

पोकलेन मशीन बेचने के नाम पर 17.50 लाख की ठगी:सोनभद्र पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

सोनभद्र में पोकलेन मशीन बेचने के नाम पर 17.50लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।जुगैल थाना पुलिस ने इस संबंध में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी निवासी सैयाधुला वेंकटेश की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन,मोबाइल कॉल डिटेल और संबंधित दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है। पीड़ित वेंकटेश ने राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO),केंद्रीय सतर्कता आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित कई उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी थी।इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ष 2020 मॉडल की टाटा हिताची मशीन बेचने के बहाने उनके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई। शिकायतकर्ता वेंकटेश के अनुसार,धोखाधड़ी की शुरुआत शेख मोहम्मद जानी नामक व्यक्ति से हुई,जिसने व्हाट्सएप पर टाटा हिताची मशीन की तस्वीरें भेजकर बातचीत शुरू की।इसके बाद वेंकटेश की बात मथुरा निवासी चतर सिंह से कराई गई,जिसने खुद को मशीन का मालिक बताया और उसकी वैधता तथा दस्तावेजों का आश्वासन दिया। वेंकटेश 6 अप्रैल2026 को वाराणसी पहुंचे और वहां से बस द्वारा सोनभद्र आए।यहां राहुल नामक युवक उनसे मिला,जिसने खुद को चतर सिंह का प्रतिनिधि और सुपरवाइजर बताया।राहुल ने उन्हें मशीन दिखाई और सौदे को सुरक्षित बताया।वेंकटेश ने आरोप लगाया कि बाद में चतर सिंह ने उन्हें प्रयागराज बुलाया,जहां जिला न्यायालय परिसर में नोटरी अधिवक्ता एस.पी.त्रिपाठी के माध्यम से एक एग्रीमेंट कराया गया।शिकायत में स्टांप विक्रेता सत्यराम पाल का भी जिक्र है। मशीन की कीमत पहले 22लाख रुपये बताई गई थी,लेकिन बाद में 21लाख रुपये में सौदा तय हुआ।आरोपियों ने अलग-अलग खातों में कुल 17.50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। रकम मिलने के बाद 15 अप्रैल 2026 से चतर सिंह का मोबाइल फोन बंद हो गया और वेंकटेश का उससे संपर्क टूट गया।जब उन्होंने दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया,तो कोई जवाब नहीं मिला।इसके बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि उनके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है। वहीं जुगैल थाना प्रभारी शिव प्रताप वर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुख्य रूप से चतर सिंह,राहुल,शेख मोहम्मद जानी, सत्यराम पाल एवं एसपी त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पीड़ित ने बताया कि बाद में शेख मोहम्मद जानी ने मशीन ऑपरेटर के माध्यम से अजीत सिंह और नरेंद्र की जानकारी दी, जिन्हें चतर सिंह का भाई बताया गया .. हालांकि बातचीत के दौरान उन्होंने किसी भी प्रकार के मशीन सौदे और रकम लेने से इनकार कर दिया। वहीं जुगैल थाना प्रभारी शिव प्रताप वर्मा ने बताया कि”शिकायत के आधार पर मुख्य रूप से चतर सिंह, राहुल, शेख मोहम्मद जानी, सत्यराम पाल एवं एसपी त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।”

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