यमुनानगर में इटली वर्क परमिट के नाम पर धोखाधड़ी:15 लाख ठगे, मकान बेचकर और गहने गिरवी रखकर बेटे को विदेश भेजा

यमुनानगर में इटली वर्क परमिट के नाम पर धोखाधड़ी:15 लाख ठगे, मकान बेचकर और गहने गिरवी रखकर बेटे को विदेश भेजा

यमुनानगर में इटली के वर्क परमिट के नाम पर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने अपने बेटे को इटली भेजने के लिए मकान बेचकर और गहने गिरवी रखकर 15 लाख रुपये जुटाए, लेकिन इसके बावजूद न तो वर्क परमिट मिला और न ही पक्का रोजगार। पीड़िता की शिकायत पर थाना गांधी नगर पुलिस ने दो आरोपी पिता-पुत्र कृष्ण लाल व मन्नु शोकते निवासी वीना नगर कैंप के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों ने युवक को इटली में जान से मरवाने की धमकी भी दी थी। पीड़िता सरोज रानी पत्नी मोहित कुमार, निवासी वीना नगर कैंप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले करीब 15–16 वर्षों से अपने घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम करती है। इसी दौरान आरोपी कृष्ण लाल के बच्चे पहले उनके यहां पढ़ते थे, जिस कारण दोनों परिवारों में अच्छी जान-पहचान और घरेलू संबंध बन गए थे। आरोपी बोला: उसका बेटा पहले से इटली में पीड़िता ने बताया कि उसका बेटा अंश सुनेजा 10+2 की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता के साथ करियाना की दुकान पर हाथ बंटा रहा था। वर्ष 2022 में आरोपी कृष्ण लाल ने उनके बेटे को इटली भेजने और वहां वर्क परमिट पर पक्का कराने का प्रस्ताव रखा। आरोपी ने दावा किया कि उसका बेटा मन्नु शोकते पहले से इटली में है और वहां उसका काम सेट है। आरोप है कि अगस्त 2022 में आरोपियों ने एक लाख रुपये नकद, बेटे का मूल पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज ले लिए और कहा कि वर्क परमिट वीजा जल्द आ जाएगा। इसके बाद मार्च 2023 में आरोपियों ने 14 लाख रुपए और मांगे। मकान बेचा और गहने गिरवी रखे रकम जुटाने के लिए पीड़िता के पति ने अपना मकान बेच दिया, जिससे 7 लाख 20 हजार रुपये मिले, जबकि पीड़िता ने सोने के गहने गिरवी रखकर करीब 7 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया। यह पूरी राशि आरोपियों को नकद दी गई, लेकिन पारिवारिक संबंध और भरोसे के कारण कोई लिखित एग्रीमेंट नहीं कराया गया। नवंबर 2023 में आरोपियों ने कहा कि बेटे का वीजा लग गया है और दिसंबर 2023 में उसे इटली भेज दिया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर बेटे को जो वीजा दिया गया, वह वर्क वीजा नहीं बल्कि टूरिस्ट वीजा था। पूछने पर आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि इटली पहुंचने के बाद वीजा को वर्क परमिट में कन्वर्ट कराकर उसे पक्का कर दिया जाएगा। बेटे को इटली में मरवाने की दी धमकी इटली पहुंचने पर आरोपी मन्नु शोकते के कहने पर बेटे को इधर-उधर रखा गया, उससे 700 यूरो लिए गए, लेकिन न तो पक्का काम मिला और न ही वीजा कन्वर्ट हुआ। बेटे को कभी-कभी काम मिला, कभी नहीं मिला और परिवार को बार-बार भारत से पैसे भेजने पड़े। बाद में बेटे ने पूरे मामले की सच्चाई अपने माता-पिता को बताई। पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे और पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो उन्हें और उनके बेटे को जान से मारने तथा झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी गईं। आरोप है कि आरोपी मन्नु शोकते ने कहा कि अगर और 8 लाख रुपये नहीं दिए गए तो बेटे को इटली में ही मरवा दिया जाएगा या जेल भिजवा दिया जाएगा।

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