नालंदा में 10 फरवरी से शुरू होगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान:11 प्रखंडों में किया जाएगा दवा वितरण, तीन चरण में पूरे जिले में चलेगा कार्यक्रम

नालंदा में 10 फरवरी से शुरू होगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान:11 प्रखंडों में किया जाएगा दवा वितरण, तीन चरण में पूरे जिले में चलेगा कार्यक्रम

नालंदा जिला प्रशासन ने फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन की दिशा में बड़ी पहल करते हुए 10 फरवरी से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी कुंदन ने इस अभियान को लेकर दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नेशनल हेल्थ मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान जिले के 11 प्रखंडों में चलाया जाएगा। इनमें बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र, बिंद, चंडी, एकंगरसराय, इस्लामपुर, नूरसराय, परवलपुर, रहुई, सरमेरा, सिलाव एवं थरथरी प्रखंड शामिल है। घर-घर जाकर दवा वितरण पर जोर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान केवल दवा का वितरण ही नहीं, बल्कि लोगों को दवा खिलाना भी सुनिश्चित किया जाए। भ्रमण के दौरान अगर कोई व्यक्ति घर पर उपलब्ध नहीं है, तो शाम को फिर से उनके घर जाकर दवा का सेवन कराया जाए। जिला वेक्टर बोर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को यह दवा नहीं दी जाएगी। इस कार्यक्रम में लगे सभी कर्मियों और स्टेक होल्डर्स को उचित प्रशिक्षण देना अनिवार्य किया गया है। दवा के दुष्प्रभाव को लेकर न हो घबराहट सिविल सर्जन ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि दवा सेवन के दौरान मितली या नौजीया के लक्षण महसूस हो सकते हैं, लेकिन इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। यह सामान्य प्रतिक्रिया है और कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाती है। तीन चरणों में चलेगा अभियान 10 फरवरी से शुरू होकर अगले 14 दिनों तक घर-घर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद तीन दिनों तक विशेष बूथों पर यह कार्यक्रम जारी रहेगा। ये बूथ आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित किए जाएंगे। सभी विभागों का सहयोग आवश्यक जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जीविका, आशा, पंचायती राज, जन वितरण प्रणाली, बाल विकास परियोजना और अन्य सभी विभागों के पदाधिकारी इस अभियान में पूरा सहयोग करेंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी इस मुहिम में सहयोग लेने के निर्देश दिए गए हैं। व्यापक प्रचार-प्रसार और जन जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस कार्यक्रम में भागीदारी कर सकें। समय की जरूरत है फाइलेरिया उन्मूलन जिलाधिकारी कुंदन ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन और बिहार सरकार का स्वास्थ्य विभाग फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर बेहद गंभीर है। एमडीए कार्यक्रम को सफल बनाना समय की प्राथमिकता और हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अभियान की सफलता से जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा। नालंदा जिला प्रशासन ने फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन की दिशा में बड़ी पहल करते हुए 10 फरवरी से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी कुंदन ने इस अभियान को लेकर दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नेशनल हेल्थ मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान जिले के 11 प्रखंडों में चलाया जाएगा। इनमें बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र, बिंद, चंडी, एकंगरसराय, इस्लामपुर, नूरसराय, परवलपुर, रहुई, सरमेरा, सिलाव एवं थरथरी प्रखंड शामिल है। घर-घर जाकर दवा वितरण पर जोर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान केवल दवा का वितरण ही नहीं, बल्कि लोगों को दवा खिलाना भी सुनिश्चित किया जाए। भ्रमण के दौरान अगर कोई व्यक्ति घर पर उपलब्ध नहीं है, तो शाम को फिर से उनके घर जाकर दवा का सेवन कराया जाए। जिला वेक्टर बोर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को यह दवा नहीं दी जाएगी। इस कार्यक्रम में लगे सभी कर्मियों और स्टेक होल्डर्स को उचित प्रशिक्षण देना अनिवार्य किया गया है। दवा के दुष्प्रभाव को लेकर न हो घबराहट सिविल सर्जन ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि दवा सेवन के दौरान मितली या नौजीया के लक्षण महसूस हो सकते हैं, लेकिन इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। यह सामान्य प्रतिक्रिया है और कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाती है। तीन चरणों में चलेगा अभियान 10 फरवरी से शुरू होकर अगले 14 दिनों तक घर-घर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद तीन दिनों तक विशेष बूथों पर यह कार्यक्रम जारी रहेगा। ये बूथ आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित किए जाएंगे। सभी विभागों का सहयोग आवश्यक जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जीविका, आशा, पंचायती राज, जन वितरण प्रणाली, बाल विकास परियोजना और अन्य सभी विभागों के पदाधिकारी इस अभियान में पूरा सहयोग करेंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी इस मुहिम में सहयोग लेने के निर्देश दिए गए हैं। व्यापक प्रचार-प्रसार और जन जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस कार्यक्रम में भागीदारी कर सकें। समय की जरूरत है फाइलेरिया उन्मूलन जिलाधिकारी कुंदन ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन और बिहार सरकार का स्वास्थ्य विभाग फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर बेहद गंभीर है। एमडीए कार्यक्रम को सफल बनाना समय की प्राथमिकता और हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अभियान की सफलता से जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।  

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