मुक्तिधाम रेनोवेशन में फर्जी FD का खुलासा, ठेका रद्द:बेतिया में संवेदक पर कार्रवाई की तैयारी, नगर निगम में हड़कंप

मुक्तिधाम रेनोवेशन में फर्जी FD का खुलासा, ठेका रद्द:बेतिया में संवेदक पर कार्रवाई की तैयारी, नगर निगम में हड़कंप

बेतिया नगर निगम में एक बार फिर संवेदकों द्वारा फर्जी एफडी लगाकर ठेका हासिल करने का मामला उजागर हुआ है। इस बार मुक्तिधाम जीर्णोद्धार योजना के टेंडर में फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसके बाद नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए योजना को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पहले भी नगर निगम की योजनाओं में तीन संवेदकों द्वारा फर्जी एफडी जमा करने का मामला सामने आ चुका है, जिस पर नगर आयुक्त के निर्देश पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। दस्तावेज नगर निगम कार्यालय में किए गए थे जमा ताजा मामला मुक्तिधाम के जीर्णोद्धार से संबंधित निविदा संख्या 01/2023-24 का है। इस योजना का टेंडर लेने के लिए संवेदक अभिषेक कुमार पांडेय द्वारा एकरारनामा के साथ एफडी से जुड़े दस्तावेज नगर निगम कार्यालय में जमा किए गए थे। संदेह के आधार पर नगर निगम प्रशासन ने संबंधित बैंक से एफडी की जांच कराई, जहां बैंक द्वारा एफडी को फर्जी और नकली बताया गया। जांच रिपोर्ट सामने आते ही नगर निगम ने मुक्तिधाम जीर्णोद्धार योजना को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई नगर निगम की ओर से इस कार्रवाई की जानकारी नगर निगम के कनीय अभियंता, सहायक अभियंता नगर विकास प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता नगर विकास प्रमंडल तथा महापौर को भी प्रेषित कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले भी नगर निगम की विभिन्न योजनाओं में तीन संवेदकों द्वारा जमा कराई गई एफडी फर्जी पाई गई थी। इस मामले में नगर निगम प्रशासन के आवेदन पर संवेदक विशाल रंजन, अभिषेक कुमार पांडेय और प्रियंका मेहता के विरुद्ध नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। राशि एफडी के माध्यम से जमा करनी थी जानकारी के अनुसार, निविदा प्रक्रिया के तहत संवेदकों को अपीजी और एकरारनामा की राशि एफडी के माध्यम से जमा करनी थी। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम ने संबंधित बैंकों से जांच कराई, जिसमें कुल आठ योजनाओं में जमा की गई एफडी को बैंक ने फर्जी करार दिया। जांच में सामने आया कि संवेदक विशाल रंजन ने चार निविदाएं, अभिषेक कुमार पांडेय ने एक तथा प्रियंका मेहता ने तीन निविदाओं का ठेका फर्जी एफडी के आधार पर हासिल किया था। नकली दस्तावेज लगाकर योजनाओं में धांधली की गई सभी संवेदकों द्वारा नकली दस्तावेज लगाकर योजनाओं में धांधली की गई। नगर आयुक्त लक्ष्मण तिवारी ने बताया कि संतघाट-मुक्तिधाम जीर्णोद्धार योजना के एकरारनामा में जमा एफडी की बैंक से जांच कराई गई थी, जिसमें एफडी नकली पाई गई। इसके बाद योजना को रद्द कर दिया गया है और दोषियों के विरुद्ध अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बेतिया नगर निगम में एक बार फिर संवेदकों द्वारा फर्जी एफडी लगाकर ठेका हासिल करने का मामला उजागर हुआ है। इस बार मुक्तिधाम जीर्णोद्धार योजना के टेंडर में फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसके बाद नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए योजना को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पहले भी नगर निगम की योजनाओं में तीन संवेदकों द्वारा फर्जी एफडी जमा करने का मामला सामने आ चुका है, जिस पर नगर आयुक्त के निर्देश पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। दस्तावेज नगर निगम कार्यालय में किए गए थे जमा ताजा मामला मुक्तिधाम के जीर्णोद्धार से संबंधित निविदा संख्या 01/2023-24 का है। इस योजना का टेंडर लेने के लिए संवेदक अभिषेक कुमार पांडेय द्वारा एकरारनामा के साथ एफडी से जुड़े दस्तावेज नगर निगम कार्यालय में जमा किए गए थे। संदेह के आधार पर नगर निगम प्रशासन ने संबंधित बैंक से एफडी की जांच कराई, जहां बैंक द्वारा एफडी को फर्जी और नकली बताया गया। जांच रिपोर्ट सामने आते ही नगर निगम ने मुक्तिधाम जीर्णोद्धार योजना को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई नगर निगम की ओर से इस कार्रवाई की जानकारी नगर निगम के कनीय अभियंता, सहायक अभियंता नगर विकास प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता नगर विकास प्रमंडल तथा महापौर को भी प्रेषित कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले भी नगर निगम की विभिन्न योजनाओं में तीन संवेदकों द्वारा जमा कराई गई एफडी फर्जी पाई गई थी। इस मामले में नगर निगम प्रशासन के आवेदन पर संवेदक विशाल रंजन, अभिषेक कुमार पांडेय और प्रियंका मेहता के विरुद्ध नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। राशि एफडी के माध्यम से जमा करनी थी जानकारी के अनुसार, निविदा प्रक्रिया के तहत संवेदकों को अपीजी और एकरारनामा की राशि एफडी के माध्यम से जमा करनी थी। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम ने संबंधित बैंकों से जांच कराई, जिसमें कुल आठ योजनाओं में जमा की गई एफडी को बैंक ने फर्जी करार दिया। जांच में सामने आया कि संवेदक विशाल रंजन ने चार निविदाएं, अभिषेक कुमार पांडेय ने एक तथा प्रियंका मेहता ने तीन निविदाओं का ठेका फर्जी एफडी के आधार पर हासिल किया था। नकली दस्तावेज लगाकर योजनाओं में धांधली की गई सभी संवेदकों द्वारा नकली दस्तावेज लगाकर योजनाओं में धांधली की गई। नगर आयुक्त लक्ष्मण तिवारी ने बताया कि संतघाट-मुक्तिधाम जीर्णोद्धार योजना के एकरारनामा में जमा एफडी की बैंक से जांच कराई गई थी, जिसमें एफडी नकली पाई गई। इसके बाद योजना को रद्द कर दिया गया है और दोषियों के विरुद्ध अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।  

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