बिहार में बिजली की खेती, 600 मेगावाट प्रोडक्शन:तालाब में नीचे मछली पलेगी, ऊपर बिजली बनेगी, फसलों की तरह खेतों में बिछा दी गई सोलर प्लेटें

बिहार में बिजली की खेती, 600 मेगावाट प्रोडक्शन:तालाब में नीचे मछली पलेगी, ऊपर बिजली बनेगी, फसलों की तरह खेतों में बिछा दी गई सोलर प्लेटें

बिहार में अब बिजली की खेती करने की तैयारी है। खेतों में फसलों की तरह सोलर प्लेटें बिछा दी गई हैं। बंजर पड़ी जमीनों से लेकर डैम, तालाब और नदियों का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। निजी घरों से लेकर सरकारी दफ्तरों की बिल्डिंग की छतों का इस्तेमाल भी बिजली बनाने में हो रहा है। इसे और आगे बढ़ाने की तैयारी है। सरकार ने बिहार में ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। वर्तमान में बिहार में 500-600 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। इसे बढ़ाकर अगले एक साल में 4 हजार मेगावाट करने का टारगेट है। 9 पॉइंट में समझिए सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए सरकार क्या कर रही है। राज्य के किस जिले में क्या योजनाएं चल रही हैं। घर पर सौर ऊर्जा प्लेट लगाने पर क्या लाभ मिलेगा.. 1- लखीसराय बनेगा सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा सेंटर, 2800 करोड़ का इन्वेस्टमेंट लखीसराय के कजरा को बिहार में सौर ऊर्जा के सबसे बड़े सेंटर के रूप में डेवलप किया जा रहा है। सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए 2866 करोड़ रुपए निवेश कर रही है। यहां सालाना 370 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को दो फेज में पूरा किया जाएगा। पहले फेज के तहत 1810.34 करोड़ रुपए की लागत से 185 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा परियोजना और 254 मेगावाट आवर बैटरी भंडारण क्षमता को तैयार कर लिया गया है। CM नीतीश कुमार के उद्घाटन के बाद अब ये फंक्शनल भी हो गया है। फेज-2 में यहां 1055.72 करोड़ रुपए की लागत से 116 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा परियोजना और 241 मेगावाट आवर बैटरी भंडारण क्षमता का काम चल रहा है। 2. नीचे मछली पलेगी- ऊपर बिजली बनेगी केवल बंजर जमीनों और घर की छतों पर ही नहीं बल्कि तालाबों पर भी सरकार सोलर प्लांट लगा रही है। सोलर प्लांट के लिए सबसे बड़ी जरूरत जमीन की होती है। जहां इनसे प्लेट को इंस्टॉल किया जा सके। इसमें आ रही समस्या के समाधान के लिए सरकार ने अब इसके लिए जलाशयों का चयन शुरू कर दिया है। तलाबों में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाया जा रहा है। 3. घर की छतों पर लग रहे सोलर पावर प्लांट PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रेसिडेंशियल बिल्डिंग की छतों पर सोलर प्लांट लगाये जा रहे हैं। इस योजना के तहत 1 किलोवाट का प्लांट लगाने के लिए 30,000 रुपए मिलते हैं। वहीं, 2 किलोवाट के लिए 60 हजार रुपए और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के उत्पादन का प्लांट लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। इसके तहत अब तक 15,201 घरों में सोलर रूफटॉप लगाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 53.88 मेगावाट है। 4. BPL कार्ड है तो सरकार घर पर मुफ्त लगाएगी सोलर प्लांट एक तरफ जहां सरकार सोलर प्लांट इंस्टॉलेशन के लिए अनुदान दे रही है तो BPL श्रेणी में शामिल लोगों के घरों पर सरकार फ्री में सोलर प्लांट लगा रही है। इसके लिए सरकार की तरफ से कुटीर ज्योति योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत सरकार राज्य के 2.5 लाख कस्टमर्स की छतों पर 1.1 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र इंस्टॉल किया जाएगा। 5. 13 हजार सरकारी बिल्डिंग पर रुफ टॉप सोलर प्लांट लगेंगे निजी मकानों के साथ सरकारी बिल्डिंग पर भी सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत राज्य के सभी सरकारी भवनों के छतों पर ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट इंस्टॉल किया जा रहा है। इस योजना के तहत लगभग 13 हजार सरकारी भवनों जैसे स्कूलों, ई-किसान भवनों, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों, औधोगिक प्रशिक्षण केंद्रों की छतों पर 119 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। अगले 5 वर्षों में सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का टारगेट है। 6. किसानों के लिए अलग सोलर फीडर तैयार किया जा रहा राज्य के किसानों को सस्ती बिजली मुहैया कराने और आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से फीडर लेवल सोलराइजेशन योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत केन्द्र सरकार की तरफ से 1.5 करोड़ रुपए और राज्य सरकार की तरफ 45 लाख रुपए प्रति मेगावाट सब्सिडी के तौर पर दी जा रही है। 7. राज्य की सभी पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाए जा रहे मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत सभी पंचायतों में 12 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का लक्ष्य है। अभी तक 9.10 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए जा चुके हैं। पटना जिले की ग्राम पंचायतों में 37,656 सोलर स्ट्रीट लाइट्स (85%) लगा लिए गए हैं। अरवल, औरंगाबाद, बांका, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, गया, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पटना, रोहतास और शेखपुरा जिलों की ग्राम पंचायतों में 3,50,471 सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाई गईं हैं। 8. अब समझिए, सौर ऊर्जा का क्या लाभ मिलेगा 9. सस्ती बिजली के लिए 16 हजार करोड़ सब्सिडी देती है सरकार मौजूदा समय में हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए सरकार अपनी दो वितरण कंपनियों (NBPDCL और SBPDCL) को भारी सब्सिडी देती है। किसानों को 55 पैसे प्रति यूनिट और घरेलू उपभोक्ताओं को वास्तविक लागत (लगभग 8-9 रुपए प्रति यूनिट) से काफी कम दर पर बिजली मिलती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार 15,995 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी थी। 2026-27 में यह राशि बढ़कर 16,500 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। बिहार में अब बिजली की खेती करने की तैयारी है। खेतों में फसलों की तरह सोलर प्लेटें बिछा दी गई हैं। बंजर पड़ी जमीनों से लेकर डैम, तालाब और नदियों का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। निजी घरों से लेकर सरकारी दफ्तरों की बिल्डिंग की छतों का इस्तेमाल भी बिजली बनाने में हो रहा है। इसे और आगे बढ़ाने की तैयारी है। सरकार ने बिहार में ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। वर्तमान में बिहार में 500-600 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। इसे बढ़ाकर अगले एक साल में 4 हजार मेगावाट करने का टारगेट है। 9 पॉइंट में समझिए सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए सरकार क्या कर रही है। राज्य के किस जिले में क्या योजनाएं चल रही हैं। घर पर सौर ऊर्जा प्लेट लगाने पर क्या लाभ मिलेगा.. 1- लखीसराय बनेगा सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा सेंटर, 2800 करोड़ का इन्वेस्टमेंट लखीसराय के कजरा को बिहार में सौर ऊर्जा के सबसे बड़े सेंटर के रूप में डेवलप किया जा रहा है। सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए 2866 करोड़ रुपए निवेश कर रही है। यहां सालाना 370 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को दो फेज में पूरा किया जाएगा। पहले फेज के तहत 1810.34 करोड़ रुपए की लागत से 185 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा परियोजना और 254 मेगावाट आवर बैटरी भंडारण क्षमता को तैयार कर लिया गया है। CM नीतीश कुमार के उद्घाटन के बाद अब ये फंक्शनल भी हो गया है। फेज-2 में यहां 1055.72 करोड़ रुपए की लागत से 116 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा परियोजना और 241 मेगावाट आवर बैटरी भंडारण क्षमता का काम चल रहा है। 2. नीचे मछली पलेगी- ऊपर बिजली बनेगी केवल बंजर जमीनों और घर की छतों पर ही नहीं बल्कि तालाबों पर भी सरकार सोलर प्लांट लगा रही है। सोलर प्लांट के लिए सबसे बड़ी जरूरत जमीन की होती है। जहां इनसे प्लेट को इंस्टॉल किया जा सके। इसमें आ रही समस्या के समाधान के लिए सरकार ने अब इसके लिए जलाशयों का चयन शुरू कर दिया है। तलाबों में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाया जा रहा है। 3. घर की छतों पर लग रहे सोलर पावर प्लांट PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रेसिडेंशियल बिल्डिंग की छतों पर सोलर प्लांट लगाये जा रहे हैं। इस योजना के तहत 1 किलोवाट का प्लांट लगाने के लिए 30,000 रुपए मिलते हैं। वहीं, 2 किलोवाट के लिए 60 हजार रुपए और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के उत्पादन का प्लांट लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। इसके तहत अब तक 15,201 घरों में सोलर रूफटॉप लगाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 53.88 मेगावाट है। 4. BPL कार्ड है तो सरकार घर पर मुफ्त लगाएगी सोलर प्लांट एक तरफ जहां सरकार सोलर प्लांट इंस्टॉलेशन के लिए अनुदान दे रही है तो BPL श्रेणी में शामिल लोगों के घरों पर सरकार फ्री में सोलर प्लांट लगा रही है। इसके लिए सरकार की तरफ से कुटीर ज्योति योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत सरकार राज्य के 2.5 लाख कस्टमर्स की छतों पर 1.1 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र इंस्टॉल किया जाएगा। 5. 13 हजार सरकारी बिल्डिंग पर रुफ टॉप सोलर प्लांट लगेंगे निजी मकानों के साथ सरकारी बिल्डिंग पर भी सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत राज्य के सभी सरकारी भवनों के छतों पर ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट इंस्टॉल किया जा रहा है। इस योजना के तहत लगभग 13 हजार सरकारी भवनों जैसे स्कूलों, ई-किसान भवनों, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों, औधोगिक प्रशिक्षण केंद्रों की छतों पर 119 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। अगले 5 वर्षों में सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का टारगेट है। 6. किसानों के लिए अलग सोलर फीडर तैयार किया जा रहा राज्य के किसानों को सस्ती बिजली मुहैया कराने और आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से फीडर लेवल सोलराइजेशन योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत केन्द्र सरकार की तरफ से 1.5 करोड़ रुपए और राज्य सरकार की तरफ 45 लाख रुपए प्रति मेगावाट सब्सिडी के तौर पर दी जा रही है। 7. राज्य की सभी पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाए जा रहे मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत सभी पंचायतों में 12 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का लक्ष्य है। अभी तक 9.10 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए जा चुके हैं। पटना जिले की ग्राम पंचायतों में 37,656 सोलर स्ट्रीट लाइट्स (85%) लगा लिए गए हैं। अरवल, औरंगाबाद, बांका, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, गया, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पटना, रोहतास और शेखपुरा जिलों की ग्राम पंचायतों में 3,50,471 सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाई गईं हैं। 8. अब समझिए, सौर ऊर्जा का क्या लाभ मिलेगा 9. सस्ती बिजली के लिए 16 हजार करोड़ सब्सिडी देती है सरकार मौजूदा समय में हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए सरकार अपनी दो वितरण कंपनियों (NBPDCL और SBPDCL) को भारी सब्सिडी देती है। किसानों को 55 पैसे प्रति यूनिट और घरेलू उपभोक्ताओं को वास्तविक लागत (लगभग 8-9 रुपए प्रति यूनिट) से काफी कम दर पर बिजली मिलती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार 15,995 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी थी। 2026-27 में यह राशि बढ़कर 16,500 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है।  

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