औरंगाबाद सदर अस्पताल में बुजुर्ग की मौत:शेरघाटी में तेज रफ्तार वाहन ने मारी थी टक्कर, काम करने के लिए मिल्क फैक्ट्री जा रहे थे

औरंगाबाद सदर अस्पताल में बुजुर्ग की मौत:शेरघाटी में तेज रफ्तार वाहन ने मारी थी टक्कर, काम करने के लिए मिल्क फैक्ट्री जा रहे थे

औरंगाबाद सदर अस्पताल में सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मारी थी। मृतक उमाशंकर(64) भभुआ के बहपुरा गांव के रहने वाले थे। गयाजी के शेरघाटी थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव में किराए के मकान में रहते थे। शाकंभरी मिल्क फैक्ट्री में करते थे। शनिवार सुबह करीब 5 बजे प्रतिदिन की तरह घर से फैक्ट्री जाने के लिए निकले थे। पैदल जा रहे थे, इस दौरान एनएच-19 पर सूर्यमणि होटल के पास एक अनियंत्रित वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थे कि मौके पर ही गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पहचान के बाद परिजनों को सूचना दी गई। इलाज के लिए वाराणसी लेकर जा रहे थे, रास्ते में बिगड़ी तबीयत मृतक के भतीजे विमलेश यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचा। स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज लेकर गए। वहां इलाज में लापरवाही बरती गई। जिसके कारण उनकी स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। बेहतर इलाज के लिए वाराणसी ट्रामा सेंटर ले जा रहे थे। इसी दौरान औरंगाबाद के पास उनकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख परिजन तत्काल सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ देर बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची। थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया परिजनों ने बताया कि उमाशंकर अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके दो छोटे पुत्र और तीन पुत्रियां हैं, जिनमें से केवल एक बेटी की शादी हुई है। दो बेटियों की शादी अभी नहीं हुई है। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। अब उनके असामयिक निधन से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है। औरंगाबाद सदर अस्पताल में सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मारी थी। मृतक उमाशंकर(64) भभुआ के बहपुरा गांव के रहने वाले थे। गयाजी के शेरघाटी थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव में किराए के मकान में रहते थे। शाकंभरी मिल्क फैक्ट्री में करते थे। शनिवार सुबह करीब 5 बजे प्रतिदिन की तरह घर से फैक्ट्री जाने के लिए निकले थे। पैदल जा रहे थे, इस दौरान एनएच-19 पर सूर्यमणि होटल के पास एक अनियंत्रित वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थे कि मौके पर ही गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पहचान के बाद परिजनों को सूचना दी गई। इलाज के लिए वाराणसी लेकर जा रहे थे, रास्ते में बिगड़ी तबीयत मृतक के भतीजे विमलेश यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचा। स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज लेकर गए। वहां इलाज में लापरवाही बरती गई। जिसके कारण उनकी स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। बेहतर इलाज के लिए वाराणसी ट्रामा सेंटर ले जा रहे थे। इसी दौरान औरंगाबाद के पास उनकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख परिजन तत्काल सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ देर बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची। थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया परिजनों ने बताया कि उमाशंकर अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके दो छोटे पुत्र और तीन पुत्रियां हैं, जिनमें से केवल एक बेटी की शादी हुई है। दो बेटियों की शादी अभी नहीं हुई है। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। अब उनके असामयिक निधन से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।  

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