बेंगलूरु से जोधपुर रेल के फेरे बढ़ाने के प्रयास
जालोर-सिरोही से सांसद लुम्बाराम चौधरी ने कहा कि दक्षिण भारत और राजस्थान के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेंगलूरु से जोधपुर चलने वाली ट्रेन के फेरे बढ़ाने के लिए रेल मंत्री को पत्र लिखा गया है और यह मुद्दा संसद में भी उठाया गया है। हुब्बल्ली में होली स्नेह मिलन समारोह में शामिल होने आए सांसद ने राजस्थान पत्रिका के साथ विशेष बातचीत में राजस्थान और दक्षिण भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी, क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और निवेश के मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में बड़ी संख्या में राजस्थान मूल के लोग रहते हैं। उनकी सुविधा के लिए राजस्थान के साथ रेल संपर्क बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पिछले साल गर्मियों की छुट्टियों में चेन्नई, बेंगलूरु और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों से राजस्थान के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन करवाया गया था। पहले चेन्नई से जोधपुर के लिए सप्ताह में केवल एक दिन ट्रेन चलती थी, जिसे अब नियमित करवाया गया है। इसके साथ ही चेन्नई-जोधपुर के लिए एक नई ट्रेन की घोषणा भी हुई है। बेंगलूरु से जोधपुर रेल के फेरे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सांसद ने कहा कि जालोर से जयपुर और दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करवाने के लिए भी प्रयास जारी है, इससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिल सकेगी।
सिरोही को रेलवे से जोडऩे का प्रयास
चौधरी ने कहा कि सिरोही जिला मुख्यालय होने के बावजूद अभी तक रेलवे से नहीं जुड़ा है। इसे रेलवे नेटवर्क से जोडऩे के लिए प्रयास किए गए हैं। इसके लिए डीपीआर स्वीकृत हो चुकी है और करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपए की राशि भी मंजूर हो गई है।
सांचौर तक भी पहुंचेगी रेल लाइन
उन्होंने बताया कि सांचौर क्षेत्र भी रेल नेटवर्क से जुड़ा नहीं है। यहां नई रेल लाइन के लिए करीब 9.35 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की जा रही है। इस परियोजना से गुजरात के भाभर से सांचौर, बाड़मेर और बीकानेर तक रेल संपर्क मजबूत होगा।
हवाई अड्डे के लिए प्रयास जारी
मानपुरा हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मानपुरा, नून या सिरोही में से किसी एक स्थान पर यह काम शुरू करने के प्रयास जारी हैं। अभी लोगों को हवाई यात्रा के लिए उदयपुर या अहमदाबाद जाना पड़ता है। यह मुद्दा मैंने तीन बार संसद में उठाया है।
सड़क और पर्यटन विकास पर जोर
सांसद ने बताया कि सिरोही से गुजरात बॉर्डर तक चार लेन सड़क के लिए डीपीआर तैयार की गई है, जिससे कांडला से दिल्ली तक आवागमन आसान होगा। माउंट आबू क्षेत्र में गुलाबगंज से माउंट आबू तक करीब 23 किलोमीटर वैकल्पिक सड़क के लिए 205 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके बनने से पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जसवंतपुरा से सुंधा माता तक सड़क होगी चौड़ी
जसवंतपुरा से सुंधा माता तक 16 किलोमीटर तक सड़क को चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए बजट स्वीकृत हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया चल रही है। संसदीय क्षेत्र में सुंधा माता, पावापुरी, भैरू तारक और माउंट आबू जैसे कई प्रमुख तीर्थ स्थल हैं, जिनके विकास के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
माउंट आबू में केन्द्रीय विद्यालय
सिरोही जिले के माउंट आबू में केंद्रीय विद्यालय इसी साल 1 अप्रेल से शुरू होगा। इसके लिए 25 बीघा भूमि आवंटित की गई है। जब तक भवन नहीं बनता, तब तक पास के भवन में स्कूल संचालित किया जाएगा।
निवेश के लिए प्रवासी राजस्थानियों को आमंत्रण
चौधरी ने कहा कि कर्नाटक और दक्षिण भारत में बसे राजस्थान मूल के व्यापारी यदि जालोर और सिरोही जिले में निवेश करना चाहते हैं तो उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा। आबू रोड क्षेत्र में पहले से कई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं। जालोर में ग्रेनाइट और मार्बल उद्योग का विस्तार हुआ है। वहीं माउंट आबू और आसपास के धार्मिक-पर्यटन स्थलों के विकास से क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।


