Ear Pain itching hearing Issue : कान में खुजली होना, कान दर्द जैसी समस्या को अधिकतर लोग हल्के में लेते हैं। इलाज के नाम पर कान में तेल डाल लेते हैं या फिर कान को खुजलाकर छोड़ देंगे। पर, आपको ये जानकार हैरानी हो सकती है कि इस तरह के कान में दिखने वाले लक्षण गंभीर हेल्थ समस्या की ओर इशारा करते हैं। कान, नाक और गला के स्पेशलिस्ट (ENT Specialist) डॉ.अभिनीत कुमार ने बताया कि इन लक्षणों का क्या मतलब है।
डॉ.अभिनीत ने बताया कि कान में इस तरह के लक्षण लंबे समय तक दिखते हैं तो आपको सावधान होने की जरुरत है। ये आपके लिए आगे चलकर बहुत नुकसान पहुंचा सकते हैं। आइए, इसके बारे में विस्तार से समझते हैं-

- कान में लगातार दर्द या भारीपन (Persistent Ear Pain)
उन्होंने कहा, अगर कान में लगातार हल्का दर्द, भारीपन या कान बंद होने जैसा महसूस हो रहा है, तो यह कान की गंदगी (earwax), फंगल इन्फेक्शन या मध्य कान (middle ear) में संक्रमण का संकेत हो सकता है।
चेतावनी: डायबिटीज के मरीजों में कान का संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है, जो हड्डियों तक फैल सकता है। मधुमेह के रोगियों को इस तरह के लक्षण को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
- सुनने की क्षमता में बदलाव (Hearing Loss)
अगर आपको लोगों की बातें समझने में दिक्कत हो रही है यानी समझने में समय लग रहा है, टीवी या फोन की आवाज तेज करनी पड़ रही है या शोर वाली जगहों पर सुनाई नहीं दे रहा, तो तुरंत जांच कराएं।
चेतावनी: अगर अचानक से सुनाई देना बंद हो जाए (Sudden Hearing Loss), तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और तुरंत इलाज की जरुरत होती है।
- कान में घंटी की तरह आवाज सुनाई देना (Tinnitus Symptoms)
कान में लगातार सीटी जैसी आवाज आना, गूंज महसूस होना या भिनभिनाहट सुनाई देना ‘टिनिटस’ कहलाता है। इस तरह की समस्या पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को भी हुई थी। यह अंदरूनी कान की समस्या, नसों में डैमेज या शोर के बीच ज्यादा रहने के कारण हो सकता है।
चेतावनी: इसे नजरअंदाज करने से सुनने की क्षमता पर असर पड़ता है। अगर लंबा रहा तो बहरा हो सकते हैं।
- कान से रिसाव, खुजली या बदबू (Discharge or Foul Smell and Itching in Ear)
कान से पानी या मवाद जैसा बहना, लगातार खुजली होना या कान से अजीब बदबू आना गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। यह कान के पर्दे में छेद या गंभीर संक्रमण का लक्षण हो सकता है।
चेतावनी: इसे नजरअंदाज करने से बहरा हो सकते हैं।
डॉ. कुमार की जरूरी सलाह
- सेल्फ-क्लीनिंग से बचें: कान साफ करने के लिए कॉटन बड्स (जैसे इयरबड्स) का इस्तेमाल न करें, इससे पर्दा फट सकता है। साथ ही कान में तेल या कोई अन्य तरल पदार्थ ना डालें।
- नियमित जांच जरूरी: 50 साल की उम्र के बाद साल में एक बार कान की जांच जरूर करवाएं। साथ ही समस्या होने पर जांच कराएं।
उन्होंने ये कहा कि कान की सेहत को नजरअंदाज करना आपके मस्तिष्क और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इसलिए शुरुआती लक्षणों पर ही डॉक्टर से मिलें।


