गोपालगंज में मॉडल अस्पताल से डॉक्टर-नर्सिंग स्टाफ नदारद:होली पर मारपीट-एक्सीडेंट के घायलों को नहीं मिला इलाज, परिजन ने किया हंगामा

गोपालगंज में मॉडल अस्पताल से डॉक्टर-नर्सिंग स्टाफ नदारद:होली पर मारपीट-एक्सीडेंट के घायलों को नहीं मिला इलाज, परिजन ने किया हंगामा

गोपालगंज के मॉडल अस्पताल में होली के दिन स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई। मारपीट, चाकूबाजी और सड़क दुर्घटनाओं में घायल दर्जनों मरीज इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन करीब एक घंटे तक डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नदारद रहे। इससे मरीजों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। होली के त्योहार के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हिंसक झड़पों और तेज रफ्तार हादसों में घायल लोग मॉडल अस्पताल पहुंचे। गंभीर रूप से घायल मरीज दर्द से कराह रहे थे, जबकि कुछ मरीज खुद ही बैंडेज पट्टी करते दिखे। एक घंटे तक अनुपस्थित रहे डॉक्टर आपातकालीन स्थिति के बावजूद, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ लगभग एक घंटे तक अपने कक्ष से अनुपस्थित रहे। इस दौरान अस्पताल में इलाज के लिए कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। इलाज में हो रही देरी और स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति से नाराज मरीज के परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि आपातकालीन सेवाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से किसी की जान जा सकती है। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। सूचना मिलते ही सदर सीओ रजत वर्णवाल और नगर थानाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को कराया शांत अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और तुरंत डॉक्टरों को ड्यूटी पर बुलाकर घायलों का उपचार शुरू करवाया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी और मरीजों का इलाज शुरू हो पाया। गोपालगंज के मॉडल अस्पताल में होली के दिन स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई। मारपीट, चाकूबाजी और सड़क दुर्घटनाओं में घायल दर्जनों मरीज इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन करीब एक घंटे तक डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नदारद रहे। इससे मरीजों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। होली के त्योहार के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हिंसक झड़पों और तेज रफ्तार हादसों में घायल लोग मॉडल अस्पताल पहुंचे। गंभीर रूप से घायल मरीज दर्द से कराह रहे थे, जबकि कुछ मरीज खुद ही बैंडेज पट्टी करते दिखे। एक घंटे तक अनुपस्थित रहे डॉक्टर आपातकालीन स्थिति के बावजूद, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ लगभग एक घंटे तक अपने कक्ष से अनुपस्थित रहे। इस दौरान अस्पताल में इलाज के लिए कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। इलाज में हो रही देरी और स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति से नाराज मरीज के परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि आपातकालीन सेवाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से किसी की जान जा सकती है। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। सूचना मिलते ही सदर सीओ रजत वर्णवाल और नगर थानाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को कराया शांत अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और तुरंत डॉक्टरों को ड्यूटी पर बुलाकर घायलों का उपचार शुरू करवाया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी और मरीजों का इलाज शुरू हो पाया।  

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