DM का वाटर सोर्सेज को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश:शेखपुरा में कृषि टास्क फोर्स मीटिंग में किसानों को फायदा पहुंचाने पर जोर

DM का वाटर सोर्सेज को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश:शेखपुरा में कृषि टास्क फोर्स मीटिंग में किसानों को फायदा पहुंचाने पर जोर

शेखपुरा में जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिला कृषि टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिले के कृषि परिदृश्य, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और किसानों को मिल रही सुविधाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ योजना के तहत पइन जीर्णोद्धार कार्य की प्रगति पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कर उन्हें पुनर्जीवित करने का निर्देश दिया, ताकि अंतिम छोर के किसानों तक भी सिंचाई का पानी पहुँच सके। सब्सिडी की स्थिति की भी समीक्षा की गई डीएम ने स्पष्ट किया कि खाद की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत उपकरणों की खरीद और उन पर दी जाने वाली सब्सिडी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में किसान चौपाल के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया गया, ताकि आधुनिक खेती की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुँच सके। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई किसानों के पंजीकरण नाम और जमीन की रसीद में ‘मिसमैच’ (अशुद्धि) की समस्या है। जिलाधिकारी ने इसे प्राथमिकता के आधार पर सुधारने का निर्देश दिया, ताकि कोई भी किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे। चल रही योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई पशुओं के समयबद्ध टीकाकरण और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए चल रही योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने कहा, “कृषि जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक बिना किसी बाधा के पहुँचे। कार्यों में शिथिलता बरतने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” शेखपुरा में जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिला कृषि टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिले के कृषि परिदृश्य, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और किसानों को मिल रही सुविधाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ योजना के तहत पइन जीर्णोद्धार कार्य की प्रगति पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कर उन्हें पुनर्जीवित करने का निर्देश दिया, ताकि अंतिम छोर के किसानों तक भी सिंचाई का पानी पहुँच सके। सब्सिडी की स्थिति की भी समीक्षा की गई डीएम ने स्पष्ट किया कि खाद की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत उपकरणों की खरीद और उन पर दी जाने वाली सब्सिडी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में किसान चौपाल के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया गया, ताकि आधुनिक खेती की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुँच सके। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई किसानों के पंजीकरण नाम और जमीन की रसीद में ‘मिसमैच’ (अशुद्धि) की समस्या है। जिलाधिकारी ने इसे प्राथमिकता के आधार पर सुधारने का निर्देश दिया, ताकि कोई भी किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे। चल रही योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई पशुओं के समयबद्ध टीकाकरण और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए चल रही योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने कहा, “कृषि जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक बिना किसी बाधा के पहुँचे। कार्यों में शिथिलता बरतने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”  

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