अरवल में होली पर्व को लेकर जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी अमृषा बैंस और पुलिस अधीक्षक नवजोत सिमी ने संयुक्त रूप से समाहरणालय सभाकक्ष में इसकी अध्यक्षता की। बैठक में बताया गया कि जिले में होलिका दहन 2 मार्च को और होली पर्व 4 मार्च को मनाया जाएगा। पर्व को सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान मद्य निषेध और विधि-व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सभी थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्र के चौकीदारों को शराब निर्माण और सेवन की सूचनाएं एकत्र करने के लिए सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थानाध्यक्षों को पंचायत स्तर पर लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। फूहड़ और अश्लील होली गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ‘झुमटा’ पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और डीजे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। जिलाधिकारी ने पुलिस प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया। बिजली के तारों या अन्य छोटे मुद्दों से सांप्रदायिक विवाद की आशंका वाले क्षेत्रों में तत्काल शांति समिति की बैठक आयोजित करने को कहा गया। अशांति फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। अश्लील, भड़काऊ और सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील गीतों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए फ्लैग मार्च भी निकाला जाएगा। सिविल सर्जन अरवल को 24 घंटे एम्बुलेंस और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया गया है। अरवल में होली पर्व को लेकर जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी अमृषा बैंस और पुलिस अधीक्षक नवजोत सिमी ने संयुक्त रूप से समाहरणालय सभाकक्ष में इसकी अध्यक्षता की। बैठक में बताया गया कि जिले में होलिका दहन 2 मार्च को और होली पर्व 4 मार्च को मनाया जाएगा। पर्व को सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान मद्य निषेध और विधि-व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सभी थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्र के चौकीदारों को शराब निर्माण और सेवन की सूचनाएं एकत्र करने के लिए सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थानाध्यक्षों को पंचायत स्तर पर लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। फूहड़ और अश्लील होली गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ‘झुमटा’ पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और डीजे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। जिलाधिकारी ने पुलिस प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया। बिजली के तारों या अन्य छोटे मुद्दों से सांप्रदायिक विवाद की आशंका वाले क्षेत्रों में तत्काल शांति समिति की बैठक आयोजित करने को कहा गया। अशांति फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। अश्लील, भड़काऊ और सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील गीतों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए फ्लैग मार्च भी निकाला जाएगा। सिविल सर्जन अरवल को 24 घंटे एम्बुलेंस और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया गया है।


