DM-SP ने सदर अस्पताल का किया सरप्राइज इंस्पेक्शन:जमुई में बिना काफिले पहुंचे, खुद गाड़ी चला रहे थे SP

DM-SP ने सदर अस्पताल का किया सरप्राइज इंस्पेक्शन:जमुई में बिना काफिले पहुंचे, खुद गाड़ी चला रहे थे SP

जमुई सदर अस्पताल बुधवार रात उस समय सुर्खियों में आ गया, जब जिलाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल सिविल ड्रेस में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। दोनों अधिकारी बिना किसी सरकारी तामझाम, लाल बत्ती या सुरक्षाकर्मियों के काफिले के एक साधारण ऑल्टो कार से आए। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल स्वयं कार चला रहे थे, जबकि जिलाधिकारी नवीन उनके साथ अगली सीट पर बैठे थे। अधिकारियों के अचानक पहुंचने से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। डीएम और एसपी ने महिला प्रसव कक्ष, इमरजेंसी वार्ड और इमरजेंसी रूम सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया इस दौरान उन्होंने मरीजों की स्थिति, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के समय डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपनी-अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद पाए गए। अधिकारियों के अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन भी सक्रिय हो गया। डीएम और एसपी ने व्यवस्थाओं को लेकर कई बिंदुओं पर संक्षिप्त चर्चा की। सूचना मिलने पर अस्पताल मैनेजर रमेश पांडेय भी अस्पताल पहुंचे, हालांकि वे डीएम और एसपी से मिल नहीं पाए। अस्पताल में डॉक्टर और सभी कर्मचारी मौजूद थे अस्पताल मैनेजर रमेश पांडेय ने बताया कि रात में डीएम और एसपी कुछ देर के लिए आए थे और निरीक्षण कर चले गए। उन्होंने कहा कि उस समय अस्पताल में डॉक्टर और सभी कर्मचारी मौजूद थे। डीएम और एसपी के अचानक सिविल ड्रेस में अस्पताल पहुंचने से आम लोगों के बीच यह संदेश गया कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर है। यह औचक निरीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सदर अस्पताल से अक्सर लापरवाही की शिकायतें सामने आती रहती हैं। जमुई सदर अस्पताल बुधवार रात उस समय सुर्खियों में आ गया, जब जिलाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल सिविल ड्रेस में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। दोनों अधिकारी बिना किसी सरकारी तामझाम, लाल बत्ती या सुरक्षाकर्मियों के काफिले के एक साधारण ऑल्टो कार से आए। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल स्वयं कार चला रहे थे, जबकि जिलाधिकारी नवीन उनके साथ अगली सीट पर बैठे थे। अधिकारियों के अचानक पहुंचने से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। डीएम और एसपी ने महिला प्रसव कक्ष, इमरजेंसी वार्ड और इमरजेंसी रूम सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया इस दौरान उन्होंने मरीजों की स्थिति, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के समय डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपनी-अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद पाए गए। अधिकारियों के अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन भी सक्रिय हो गया। डीएम और एसपी ने व्यवस्थाओं को लेकर कई बिंदुओं पर संक्षिप्त चर्चा की। सूचना मिलने पर अस्पताल मैनेजर रमेश पांडेय भी अस्पताल पहुंचे, हालांकि वे डीएम और एसपी से मिल नहीं पाए। अस्पताल में डॉक्टर और सभी कर्मचारी मौजूद थे अस्पताल मैनेजर रमेश पांडेय ने बताया कि रात में डीएम और एसपी कुछ देर के लिए आए थे और निरीक्षण कर चले गए। उन्होंने कहा कि उस समय अस्पताल में डॉक्टर और सभी कर्मचारी मौजूद थे। डीएम और एसपी के अचानक सिविल ड्रेस में अस्पताल पहुंचने से आम लोगों के बीच यह संदेश गया कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर है। यह औचक निरीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सदर अस्पताल से अक्सर लापरवाही की शिकायतें सामने आती रहती हैं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *