इंदौर में अप्रैल से शुरू होगी डिजिटल जनगणना:अब ऐप से खुद भी भर सकेंगे जानकारी; जानिए पूरा शेड्यूल

इंदौर में अप्रैल से शुरू होगी डिजिटल जनगणना:अब ऐप से खुद भी भर सकेंगे जानकारी; जानिए पूरा शेड्यूल

लंबे इंतजार के बाद अब देश की नई जनगणना का बिगुल बज गया है। इंदौर जिले में कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक के साथ ही इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार की जनगणना पहले के मुकाबले काफी अलग और हाईटेक होने वाली है। अक्सर जनगणना के समय कर्मचारियों के घर आने पर जानकारी देने में समय लगता है, लेकिन इस बार सरकार आपको स्व-गणना की सुविधा दे रही है। यानी आप ऐप के जरिए खुद अपनी और अपने मकान की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। एक जनगणना कर्मचारी को 175 मकानों की जिम्मेदारी जनगणना 2026 में हर कर्मचारी को 150 से 175 मकानों का सर्वे करना होगा। उन्हें डिजिटल फॉर्मेट में डेटा भरना होगा। इस बार डिजिटली जनगणना होने के चलते पहले से कम समय में पूरी होगी। तैयार रिपोर्ट राज्य स्तर पर कम्पाइल होकर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इस बार क्या बदलेगा पूरी तरह डिजिटल: अब कागज-पेन के बजाय कर्मचारी मोबाइल ऐप/टैबलेट लेकर आपके घर आएंगे। मास्टर ट्रेनर्स: इंदौर में बड़े स्तर पर कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति की जा रही है। डेटा: डिजिटल एंट्री होने से डेटा प्रोसेसिंग में समय कम लगेगा और परिणाम जल्दी आएंगे। कलेक्टर के निर्देश: लापरवाही की गुंजाइश नहीं बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना का काम निर्धारित समय-सीमा में ही पूरा हो। डेटा की क्वालिटी और नियमों का विशेष ध्यान रखा जाए। कर्मचारियों के प्रशिक्षण में कोई कमी न रहे। डिजिटल जनगणना के लिए इन दस्तावेजों और जानकारियों की जरूरत पड़ेगी 1. परिवार के मुखिया का आधार कार्ड : डिजिटल पहचान के लिए परिवार के मुखिया का आधार नंबर अनिवार्य हो सकता है। इसी के जरिए पोर्टल पर लॉगिन या वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होगी। 2. मकान संबंधी जानकारी : पहले चरण (मई 2026) में मकानों की गिनती होनी है, इसलिए आपके पास ये जानकारी तैयार होनी चाहिए। मकान नंबर: नगर निगम या पंचायत द्वारा आवंटित नंबर। मकान का प्रकार: पक्का, कच्चा या खपरैल। बुनियादी सुविधाएं: पीने के पानी का स्रोत, शौचालय की सुविधा, बिजली कनेक्शन और खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन (LPG/बिजली आदि)। 3. परिवार के सदस्यों का विवरण दूसरे चरण (फरवरी 2027) के लिए आपको प्रत्येक सदस्य की ये जानकारियां पोर्टल पर भरनी होंगी पूरा नाम और जन्म तिथि: (दस्तावेजों के अनुसार)। वैवाहिक स्थिति: (शादीशुदा, अविवाहित, विधुर/विधवा आदि)। शिक्षा: परिवार का हर सदस्य कितना पढ़ा-लिखा है। व्यवसाय: सदस्य क्या काम करते हैं (सरकारी, प्राइवेट, खुद का बिजनेस या छात्र)। धर्म और मातृभाषा: जनगणना के फॉर्म में यह अनिवार्य कॉलम होते हैं। 4. मोबाइल नंबर चूंकि प्रक्रिया डिजिटल है, इसलिए आपके पास एक सक्रिय मोबाइल नंबर होना चाहिए, जिस पर OTP आ सके। इसी मोबाइल नंबर के जरिए आपका डेटा सुरक्षित होगा। डिजिटल जनगणना के फायदे: गोपनीयता: आपकी जानकारी सीधे सरकारी सर्वर पर सुरक्षित होगी। समय की बचत: कर्मचारी के घर आने पर आपको लंबी पूछताछ से नहीं गुजरना पड़ेगा; बस अपना Reference Number दिखाना होगा। सटीकता: खुद जानकारी भरने से स्पेलिंग या डेटा की गलतियां होने की गुंजाइश कम रहेगी।

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