Chhattisgarh Fraud Case: सरकारी नौकरी और आवास का सपना दिखाकर लोगों से पैसे ऐंठने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। धमतरी में भी एक युवक को मंत्रालय में नौकरी और सरकारी आवास दिलाने का भरोसा दिलाकर लाखों रुपये लेने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच करते हुए महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने खुद को मंत्रालय में कार्यरत बताकर युवक का भरोसा जीता और फिर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के पारिजात भवन में आवास दिलाने का झांसा दिया।
मामले में बालोद जिले के गुरूर थाना क्षेत्र के भानपुरी निवासी 27 वर्षीय मनीष साहू ने धमतरी सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान शशि प्रभा साहू (50) और अमित कुमार देवांगन (38) के रूप में की।
होटल में हुई मुलाकात से शुरू हुआ पूरा मामला
शिकायत के मुताबिक, मनीष की फरवरी 2024 में धमतरी के रुद्री रोड स्थित एक होटल में शशि प्रभा साहू और अमित कुमार देवांगन से मुलाकात हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों ने कथित तौर पर खुद को मंत्रालय में काम करने वाला बताया। आरोपियों ने मनीष को भरोसा दिलाया कि वे सरकारी स्तर पर काम करा सकते हैं। इसी दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के पारिजात भवन में आवास दिलाने की बात कही। सरकारी विभाग से जुड़ा मामला होने के कारण मनीष उनके झांसे में आ गया।
मंत्रालय की इमारत दिखाकर बनाया भरोसा
पुलिस के मुताबिक, सिर्फ बातचीत तक सीमित न रहते हुए आरोपियों ने मनीष को महानदी भवन स्थित मंत्रालय भी ले गए। वहां उसे मंत्रालय की इमारत बाहर से दिखाई गई। इसके बाद उसे बताया गया कि पारिजात भवन की कीमत करीब 14 लाख 12 हजार रुपये है और आवास का आवंटन कराया जा सकता है। इस तरह मंत्रालय दिखाने और सरकारी आवास की जानकारी देने के बाद मनीष से रकम की मांग शुरू हुई।
अलग-अलग माध्यमों से लिए 9.08 लाख रुपये
शिकायत में मनीष ने पुलिस को बताया कि उसने आरोपियों को एकमुश्त रकम देने के बजाय अलग-अलग किश्तों में पैसे दिए। रकम कई बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। इसके अलावा फोन-पे, गूगल-पे और नकद के जरिए भी भुगतान किया गया। पुलिस के अनुसार, इस तरह आरोपियों ने मनीष से कुल 9 लाख 8 हजार रुपये लिए। इसके साथ ही उसके बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टेट बैंक के दो खाली हस्ताक्षरित चेक भी ले लिए गए।
पैसे देने के बाद भी नहीं मिला आवास
काफी रकम देने के बाद भी जब मनीष को बताए गए तरीके से आवास नहीं मिला, तो उसे मामले पर संदेह हुआ। इसके बाद उसने आरोपियों से अपनी रकम वापस मांगी। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, रकम वापस मांगने पर 2 लाख 98 हजार 999 रुपये लौटाए गए, लेकिन बाकी रकम वापस नहीं की गई। इसके बाद मनीष ने सिटी कोतवाली पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने लेन-देन से संबंधित जानकारी और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसी दौरान आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई गई। पुलिस के मुताबिक, जांच के आधार पर शशि प्रभा साहू और अमित कुमार देवांगन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ के बाद दोनों गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने शशि प्रभा साहू पति प्रीतम साहू, उम्र 50 वर्ष और अमित कुमार देवांगन पिता स्वर्गीय सुखराम देवांगन, उम्र 38 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ धमतरी सिटी कोतवाली में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
सरकारी नौकरी और आवास के नाम पर सावधानी जरूरी
यह मामला एक बार फिर बताता है कि सरकारी नौकरी, आवास या किसी सरकारी योजना में लाभ दिलाने के नाम पर निजी तौर पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति के सरकारी विभाग में काम करने का दावा मात्र उसके भरोसे पैसे देना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग से सीधे जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। फिलहाल धमतरी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है।

