Australian Open: हार के बावजूद बेन शेल्टन को अपने खेल से मिली नई उम्मीद

Australian Open: हार के बावजूद बेन शेल्टन को अपने खेल से मिली नई उम्मीद

मेलबर्न में एक बार फिर बेन शेल्टन का सफर जैनिक सिनर के सामने थम गया, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी खिलाड़ी के लिए यह ग्रैंड स्लैम अभियान निराशाजनक नहीं कहा जा सकता है। बुधवार को रॉड लेवर एरिना में खेले गए मुकाबले में शेल्टन को सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा, मगर उनके खेल में आए निखार ने कई सकारात्मक संकेत जरूर दिए।बता दें कि आठवीं वरीयता प्राप्त शेल्टन ने क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने के दौरान सिर्फ एक सेट गंवाया था। हालांकि, सामने इटली के जैनिक सिनर थे, जो इस समय टूर के सबसे कठिन चुनौती माने जा रहे हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार सिनर ने इस जीत के साथ शेल्टन के खिलाफ अपना रिकॉर्ड 9-1 कर लिया है।मैच के बाद शेल्टन ने साफ कहा कि उनका खेल लगातार बेहतर हो रहा है और वह खुद को पहले से कहीं ज्यादा संतुलित खिलाड़ी महसूस कर रहे हैं। गौरतलब है कि 23 वर्षीय शेल्टन अब उस स्तर पर पहुंच चुके हैं, जहां ग्रैंड स्लैम में उन्हें अक्सर दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों से ही चुनौती मिल रही है। उनका मानना है कि एक बड़ा मैच जीतने भर से तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।शेल्टन ने यह भी स्वीकार किया कि ग्रैंड स्लैम के दबाव में खेलने का अनुभव उन्हें सबसे ज्यादा प्रेरित करता है। उनके मुताबिक, बड़े मंच पर मुकाबला करना ही उन्हें हर दिन बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है और यही जुनून हर साल और मजबूत हो रहा है।गौरतलब है कि शेल्टन ने 2023 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में अपना पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टरफाइनल खेला था। इसके बाद वह तीन एटीपी खिताब जीत चुके हैं, जिसमें टोरंटो मास्टर्स 1000 खिताब भी शामिल है। साथ ही वह एटीपी रैंकिंग में टॉप-5 में भी जगह बना चुके हैं।हालिया मुकाबले की बात करें तो शेल्टन की ताकतवर सर्विस और आक्रामक फोरहैंड्स ने सिनर को कई बार दबाव में डाला, लेकिन अहम मौकों पर वह ब्रेक प्वाइंट का फायदा नहीं उठा सके। शेल्टन ने माना कि सिनर की ‘प्लस-वन’ क्षमता ने उन्हें लगातार असहज स्थिति में रखा और यही दोनों खिलाड़ियों के बीच सबसे बड़ा अंतर साबित हुआ है। 

मेलबर्न में एक बार फिर बेन शेल्टन का सफर जैनिक सिनर के सामने थम गया, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी खिलाड़ी के लिए यह ग्रैंड स्लैम अभियान निराशाजनक नहीं कहा जा सकता है। बुधवार को रॉड लेवर एरिना में खेले गए मुकाबले में शेल्टन को सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा, मगर उनके खेल में आए निखार ने कई सकारात्मक संकेत जरूर दिए।
बता दें कि आठवीं वरीयता प्राप्त शेल्टन ने क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने के दौरान सिर्फ एक सेट गंवाया था। हालांकि, सामने इटली के जैनिक सिनर थे, जो इस समय टूर के सबसे कठिन चुनौती माने जा रहे हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार सिनर ने इस जीत के साथ शेल्टन के खिलाफ अपना रिकॉर्ड 9-1 कर लिया है।
मैच के बाद शेल्टन ने साफ कहा कि उनका खेल लगातार बेहतर हो रहा है और वह खुद को पहले से कहीं ज्यादा संतुलित खिलाड़ी महसूस कर रहे हैं। गौरतलब है कि 23 वर्षीय शेल्टन अब उस स्तर पर पहुंच चुके हैं, जहां ग्रैंड स्लैम में उन्हें अक्सर दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों से ही चुनौती मिल रही है। उनका मानना है कि एक बड़ा मैच जीतने भर से तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
शेल्टन ने यह भी स्वीकार किया कि ग्रैंड स्लैम के दबाव में खेलने का अनुभव उन्हें सबसे ज्यादा प्रेरित करता है। उनके मुताबिक, बड़े मंच पर मुकाबला करना ही उन्हें हर दिन बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है और यही जुनून हर साल और मजबूत हो रहा है।
गौरतलब है कि शेल्टन ने 2023 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में अपना पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टरफाइनल खेला था। इसके बाद वह तीन एटीपी खिताब जीत चुके हैं, जिसमें टोरंटो मास्टर्स 1000 खिताब भी शामिल है। साथ ही वह एटीपी रैंकिंग में टॉप-5 में भी जगह बना चुके हैं।
हालिया मुकाबले की बात करें तो शेल्टन की ताकतवर सर्विस और आक्रामक फोरहैंड्स ने सिनर को कई बार दबाव में डाला, लेकिन अहम मौकों पर वह ब्रेक प्वाइंट का फायदा नहीं उठा सके। शेल्टन ने माना कि सिनर की ‘प्लस-वन’ क्षमता ने उन्हें लगातार असहज स्थिति में रखा और यही दोनों खिलाड़ियों के बीच सबसे बड़ा अंतर साबित हुआ है।

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