अप्रैल में रसोई गैस की डिमांड 16% घटी:जेट फ्यूल की मांग भी कम हुई, अमेरिकी-इजराइल और ईरान जंग का असर

अप्रैल में रसोई गैस की डिमांड 16% घटी:जेट फ्यूल की मांग भी कम हुई, अमेरिकी-इजराइल और ईरान जंग का असर

भारत में कुकिंग गैस (LPG) की मांग में अप्रैल में गिरावट आई है। अमेरिकी-इजराइल और ईरान में जारी संघर्ष और तनाव के कारण सप्लाई बाधित हुई है, जिसका सीधा असर भारतीय रसोई और कमर्शियल सेक्टर पर पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में LPG की खपत 16.16% कम होकर 2.2 मिलियन टन रह गई है, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2.62 मिलियन टन थी। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के डेटा के अनुसार, मार्च महीने (2.379 मिलियन टन) के मुकाबले भी अप्रैल में गैस की बिक्री में कमी आई है। सप्लाई कम होने के चलते सरकार को होटलों और इंडस्ट्रीज के लिए दी जाने वाली कमर्शियल सप्लाई में कटौती करनी पड़ी है ताकि घरों में रसोई गैस की कमी न हो। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सप्लाई रुकी भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है। इसका बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत आता है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी हमलों के बाद यह समुद्री रास्ता लगभग बंद हो गया है। घरों में दो रिफिल के बीच समय बढ़ाया गया इससे पहले सरकार ने घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के लिए 25 दिन का लॉक-इन पीरियड किया था (यानी एक सिलेंडर मिलने के 21 दिन बाद ही दूसरा बुक होगा)। वहीं ग्रामीण इलाकों के लिए सिलेंडर बुकिंग का गैप बढ़ाकर 45 दिन किया गया। 1 मई को कॉमर्शियल सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा किया इससे पहले 1 मई को कॉमर्शियल सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा हो गया था। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में 261 रुपए का इजाफा किया गया था। इस बढ़ोतरी के बाद अब ‘छोटू’ सिलेंडर की रिफिल कीमत 813.50 रुपए हो गई है। हवाई ईंधन (ATF) की मांग में भी गिरावट खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के कारण कई देशों ने अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद कर दिया था। इसकी वजह से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं या उनके रूट बदले गए। इसका सीधा असर एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की खपत पर पड़ा। अप्रैल में जेट फ्यूल की मांग 1.37% गिरकर 761,000 टन रह गई, जो मार्च में 807,000 टन थी। डीजल-पेट्रोल मांग भी बढ़ी अप्रैल में डीजल की बिक्री में मामूली 0.25% की ही बढ़त हुई और यह 8.282 मिलियन टन रही। मार्च में डीजल की डिमांड 8.1% की रफ्तार से बढ़ी थी। वहीं, पेट्रोल की बिक्री में अप्रैल में 6.36% की ग्रोथ देखी गई, जो मार्च की 7.6% ग्रोथ से कम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *