मुजफ्फरनगर शहर के रेलवे स्टेशन के सामने स्थित ब्लिंकिट ऑफिस में शुक्रवार शाम बाइक पार्किंग को लेकर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। यह स्थिति जल्द ही हाथापाई और हंगामे में बदल गई। ऑफिस के लैंडलॉर्ड ने राइडर्स द्वारा बाइकों को अव्यवस्थित ढंग से खड़ा करने की शिकायत की थी। आरोप है कि लैंडलॉर्ड ने कई बाइकों को उठवा लिया, जिससे राइडर्स में आक्रोश फैल गया। घटना के दौरान ऑफिस परिसर में जमकर कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट और गाली-गलौज में बदल गई। इस घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अफरा-तफरी का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। राइडर्स ने आरोप लगाया कि उनकी बाइकें जबरन उठाई गईं, जबकि लैंडलॉर्ड का कहना है कि पार्किंग के कारण आने-जाने में दिक्कत हो रही थी। मामला बढ़ने पर करीब 300 ब्लिंकिट राइडर्स ने तुरंत हड़ताल पर जाने का फैसला किया। इस हड़ताल के कारण शहर में क्विक कॉमर्स डिलीवरी पूरी तरह ठप हो गई है। ग्राहकों को जरूरी सामान समय पर नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। राइडर्स का कहना है कि पार्किंग की समस्या लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन कंपनी ने कोई उचित व्यवस्था नहीं की है। उनके पास ऑफिस के सामने या आसपास बाइक खड़ी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि कोई निर्धारित पार्किंग स्पेस उपलब्ध नहीं है। ऑफिस में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। कुछ राइडर्स ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है, जबकि लैंडलॉर्ड पक्ष भी अपनी सफाई पेश कर रहा है। हड़ताल के कारण ब्लिंकिट की डिलीवरी सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे शहर के कई इलाकों में ग्राहकों को सामान की कमी का सामना करना पड़ रहा है। राइडर्स ने चेतावनी दी है कि जब तक पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं की जाती और उठाई गई बाइकें वापस नहीं की जातीं, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। स्थानीय प्रशासन ने दोनों पक्षों से बातचीत करने की अपील की है ताकि मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ सके। यह घटना गिग वर्कर्स की पार्किंग और कार्यस्थल सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को एक बार फिर उजागर करती है। शहरवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी और डिलीवरी सेवाएं बहाल होंगी।


